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Breaking News -ओबरा पावर प्लांट की दोनों यूनिट ठप, यूपी के कई जिलों में छाएगा अंधेरा

भीषण गर्मी और उमस के बीच उत्तर प्रदेश को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। ऊर्जांचल के नाम से मशहूर सोनभद्र के ओबरा-सी पावर प्लांट पूरी तरह से ठप (शून्य) हो गया है। 1320 मेगावाट की कुल क्षमता वाले इस पावर प्लांट की दोनों इकाइयां खराब हो गई हैं।

By santosh singh 
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सोनभद्र: भीषण गर्मी और उमस के बीच उत्तर प्रदेश को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। ऊर्जांचल के नाम से मशहूर सोनभद्र के ओबरा-सी पावर प्लांट पूरी तरह से ठप (शून्य) हो गया है। 1320 मेगावाट की कुल क्षमता वाले इस पावर प्लांट की दोनों इकाइयां खराब हो गई हैं। इससे न केवल पूर्वांचल बल्कि आसपास के जिलों में भी जहां इस प्लांट से बिजली की सप्लाई होती है। ऊर्जा के संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर ओबरा-सी परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। प्लांट में मौजूद इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने फॉल्ट को तुरंत ठीक करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या बड़ी होने के कारण इस पूरी इकाई को आपातकालीन स्थिति में बंद करना पड़ा।

9 जुलाई से बंद पड़ी है पहली इकाई

उत्तर प्रदेश के लिए यह संकट इसलिए और भी बड़ा हो गया है, क्योंकि इस प्लांट की 660 मेगावाट वाली पहली इकाई पहले से ही बंद पड़ी हुई है। बीते 9 जुलाई को डिस्ट्रीब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम (DCS) के फेल हो जाने की वजह से पहली इकाई से उत्पादन रुक गया था। कई दिन बीत जाने के बाद भी उस सिस्टम को अब तक सुधारा नहीं जा सका है और अब दूसरी इकाई भी जवाब दे गई है।

यूपी के कई हिस्सों में कट सकती है बत्ती

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इन दोनों 660-660 मेगावाट (कुल 1320 मेगावाट) की इकाइयों के एक साथ ठप हो जाने से ओबरा-सी परियोजना से यूपी को मिलने वाली बिजली का उत्पादन शून्य (Zero) हो गया है। ऐसे समय में जब प्रदेश में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की मांग अपने चरम पर है। 1320 मेगावाट बिजली का ग्रिड से गायब हो जाना एक बड़ी समस्या है।

आशंका जताई जा रही है कि उत्पादन में आई इस भारी कमी की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आपातकालीन बिजली कटौती करनी पड़ सकती है। फिलहाल, प्लांट के इंजीनियर और अधिकारी दोनों इकाइयों में आई तकनीकी खराबी को दूर कर उत्पादन जल्द से जल्द बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।

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