पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। बुधवार को महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ जारी किया। राहुल गांधी ने कहा कि, बिहार में बहुजनों को उनका पूरा हक़ और अधिकार दिलाने के लिए आज हमने ऐतिहासिक ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ जारी किया है। इसमें 10 ठोस संकल्प हैं-आरक्षण की 50% सीमा बढ़ाने के लिए पास कानून को 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भेजेंगे। पंचायत-नगर निकाय में आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% होगा। सभी प्राइवेट कॉलेज-यूनिवर्सिटी में आरक्षण लागू होगा।
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इसके साथ ही, नियुक्तियों में “Not Found Suitable” जैसी व्यवस्था खत्म होगी। अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में सही प्रतिनिधित्व के लिए कमेटी बनेगी। SC/ST/OBC/EBC के आवासीय भूमिहीनों को जमीन मिलेगी (शहर: 3 डेसिमल, गांव: 5 डेसिमल)। प्राइवेट स्कूलों की आधी आरक्षित सीटें SC/ST/OBC/EBC बच्चों को मिलेंगी। ₹25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में 50% आरक्षण SC/ST/OBC/EBC को। अतिपिछड़ों के ख़िलाफ़ अत्याचार रोकने का कानून बनेगा। इसके साथ ही, आरक्षण देखने के लिए प्राधिकरण बनेगा, सूची में बदलाव केवल विधानसभा करेगी।
वहीं, राहुल गांधी ने आगे कहा, लोकसभा में मैंने नरेंद्र मोदी जी के सामने दो बातें कहीं। देश में जातिगत जनगणना होगी और आरक्षण में 50% की दीवार तोड़ेंगे…इन वादों के पीछे सोच थी कि आज भी देश में अतिपिछड़ा, पिछड़ा, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक वर्गों को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, वो नहीं मिलती है। हम जातिगत जनगणना कर दिखाना चाहते हैं कि देश में किसकी कितनी आबादी है-ये पूरे देश को पता चलना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा, बिहार में 20 साल से नीतीश कुमार की सरकार है, लेकिन उन्होंने अतिपिछड़ा समाज को न्याय दिलाने के लिए फैसले नहीं लिए। हमने अतिपिछड़ा समाज के साथ बैठक की, समाज के लोगों से बात की और ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ तैयार कर दिया। नीतीश कुमार सिर्फ वोट ले रहे थे और बदले में अतिपिछड़ा समाज के हक की आवाज दबा रहे थे।
हमारा वादा है कि सरकार बनते ही अतिपिछड़ा न्याय संकल्प को लागू करेंगे।