Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. क्रिकेट
  3. ICC ने दिखाया पाकिस्तान को आईना ,कहा- खेलो या बाहर हो जाओ, सभी मांगें खारिज, बांग्लादेश को भी दिया झटका

ICC ने दिखाया पाकिस्तान को आईना ,कहा- खेलो या बाहर हो जाओ, सभी मांगें खारिज, बांग्लादेश को भी दिया झटका

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम (R. Premadasa Stadium) में होने वाले महामुकाबले पर अनिश्चितता के बादल और गहरे हो गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा रखी गई उन सभी शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनके बदले पाकिस्तान बहिष्कार खत्म करने को तैयार था। आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि पीसीबी की मांगें उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।

पढ़ें :- BCCI ने अफगानिस्तान के खिलाफ T20Is और एशियन गेम्स के लिए स्क्वाड में किया बड़ा बदलाव, Harshit Rana की जगह इस खिलाड़ी को मिला मौका

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी और आईसीसी के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान ने गतिरोध खत्म करने के लिए तीन मुख्य प्रस्ताव रखे थे। भारत को पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए कहा जाए। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच एक त्रिकोणीय सीरीज का आयोजन हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी ने इन मांगों पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि द्विपक्षीय सीरीज का आयोजन दो देशों के बोर्ड और उनकी सरकारों के आपसी समन्वय पर निर्भर करता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुद्दा केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक कारणों से भी जुड़ा है। बीसीसीआई (BCCI) हमेशा से स्पष्ट रहा है कि वह भारत सरकार की अनुमति के बिना पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय संबंध बहाल नहीं करेगा। ऐसे में आईसीसी द्वारा बीसीसीआई या भारत सरकार पर दबाव बनाना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है।

पाकिस्तान के फैसले पर सबकी नजर

आईसीसी के इस कड़े रुख के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार के पास सीमित विकल्प बचे हैं। यदि पाकिस्तान 15 फरवरी को कोलंबो में मैदान पर नहीं उतरता है, तो उसे भारी वित्तीय दंड के साथ-साथ आईसीसी की सदस्यता निलंबन जैसे कड़े परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, क्रिकेट जगत की नजरें अब मोहसिन नकवी और पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

पढ़ें :- Professor Dirty Act : JNU के प्रोफेसर पर 10 छात्राओं ने दर्ज कराई यौन उत्पीड़न की शिकायत

इसके बाद आईसीसी ने पाकिस्तान को एक दिन का समय दिया है। सूत्रों के अनुसार, भारत-पाक मैच को लेकर अंतिम निर्णय किसी भी वक्त लिया जा सकता है। आईसीसी की ओर से आधिकारिक घोषणा आज शाम या फिर बुधवार सुबह तक आने की संभावना है। आईसीसी की सबसे बड़ी चिंता भारत-पाकिस्तान मैच से जुड़ा रेवेन्यू है। यह मुकाबला विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा कमाई वाला मैच माना जाता है। अगर यह मैच नहीं होता है, तो इसका असर सिर्फ आईसीसी पर नहीं, बल्कि सभी सदस्य बोर्डों की सालाना आय पर पड़ेगा। इसी वजह से आईसीसी हर हाल में टूर्नामेंट की स्थिरता और वित्तीय संतुलन बनाए रखना चाहता है।

सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी ने यह फैसला खुद लिया है और इसमें किसी अन्य बोर्ड का दबाव नहीं है। बांग्लादेश भले ही मौजूदा वर्ल्ड कप से बाहर हो चुका हो, लेकिन आर्थिक रूप से उसे नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

बांग्लादेश को मुआवजे के तौर पर टूर्नामेंट देने पर विचार

आईसीसी ने यह भी माना है कि बांग्लादेश पिछले साल महिला टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी से वंचित रहा था। क्योंकि देश में हुए दंगों के चलते यह टूर्नामेंट बांग्लादेश से हटाकर दुबई शिफ्ट कर दिया गया था। लाहौर में सीक्रेट मीटिंग की इनसाइड स्टोरी इसी को ध्यान में रखते हुए आईसीसी अब बांग्लादेश को अगले चक्र में किसी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी देने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश को अंडर-19 वर्ल्ड कप जैसे किसी आईसीसी इवेंट की मेजबानी सौंपी जा सकती है, ताकि पिछले नुकसान की आंशिक भरपाई हो सके।

भारत से बांग्लादेश दौरे की मांग भी नामंजूर

पढ़ें :- BCCI ने खत्‍म किया रोहित शर्मा के भविष्‍य पर सस्‍पेंस, वनडे वर्ल्‍ड कप 2027 में धमाल मचाते दिखेंगे 'हिटमैन'

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि भारत को इस साल बांग्लादेश का दौरा करना चाहिए। इस पर भी आईसीसी ने साफ किया कि किसी देश को किसी अन्य देश के दौरे के लिए बाध्य करना उसके अधिकार में नहीं है। यह फैसला पूरी तरह संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों पर निर्भर करता है।

Advertisement