US Birthright Citizenship: दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट सिटीजनशिप (Birthright Citizenship) खत्म करने के आदेश पर भी साइन किया था, जिससे अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को वहां नागरिकता मिलती थी। सिएटल में एक संघीय न्यायाधीश ने सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दिया है। जिससे भारत समेत अन्य देशों के प्रवासी नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
पढ़ें :- हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर जारी, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 200 से ज्यादा सड़कें बंद
दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वत: जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को कम करने वाला एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार, प्रवासियों के बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने पर मिलने वाली नागरिकता अब नहीं मिल सकेगी। इस नीति में बदलाव से भारत समेत अन्य देशों के अप्रवासी समुदायों पर बड़ा असर पड़ता। मगर कोर्ट ने इस कानून को लागू करने से रोक लागते हुए इसको “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” करार दिया है।
अमेरिका के जिला न्यायाधीश जॉन कफनॉर ने डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले 4 राज्यों की याचिका पर अपना फैसला सुनाया है। जिसमें जज ने ट्रंप प्रशासन के इस कानून पर रोक लगाने के लिए एक अस्थाई निरोधक आदेश जारी किया है। इस मामले में ट्रंप प्रशासन के आदेश का बचाव करने वाले अमेरिकी न्याय विभाग के वकील से जज ने कहा कि यूएसए प्रशासन का यह आदेश “यह स्पष्ट रूप से असंवैधानिक है।”
बता दें कि ट्रंप सरकार के बर्थराइट सिटीजनशिप (Birthright Citizenship) खत्म करने का आदेश पहले ही 22 राज्यों के नागरिक अधिकार समूहों और डेमोक्रेटिक अटार्नी जनरल द्वारा दायर 5 मुकदमों का विषय बन चुका है, जिसमें इस आदेशो को अमेरिकी संविधान का घोर उल्लंघन करार दिया गया है।