अब कागज या हार्ड कॉपी की जगह ई-मेल पर आए पत्र ही ई-ऑफिस के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। निराकरण भी ऑनलाइन ही होगा। अपरिहार्य परिस्थिति में यदि किसी पत्र में हस्ताक्षर आवश्यक हों तो भी डाक से नहीं भेजना है। ऐसे में डिजिटल हस्ताक्षर से मेल पर पत्र भेजना होगा।
पढ़ें :- Sakat Chauth 2026 : सकट चौथ पर ऐसे दें चांद को अर्घ्य, जानें आपके शहर में कब होगा चंद्रोदय ?
अब तक कई जगह प्रिंट निकाल कर हस्ताक्षर कर उसे स्कैन करके मेल किया जा रहा था, इस प्रथा को भी अब बंद कर दिया गया है। इस ऑनलाइन ऑफिस से कागज एवं प्रिंटर की बचत होगी। इससे हार्ड कॉपी की जरूरत भी नहीं होगी। डाक के जरिए होने वाले यात्रा भत्ते की भी बचत होगी। ई ऑफिस सॉफ्टवेयर में ई-डाक के लिए हर विभाग में अलग से व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2025 को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से ई-ऑफिस क्रियान्वयन प्रणाली का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की थी कि आम जनता को इस व्यवस्था से राहत प्राप्त होगी। विभिन्न विभागों द्वारा समस्त नस्तियों को ई-आफिस के माध्यम से संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है।