नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय दास (Hindu saint Chinmay Das) की गिरफ्तारी पर भारत ने पहली बार खुलकर बात की है। भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने शुक्रवार को कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि कानूनी प्रक्रियाएं निष्पक्ष होंगी। इस मामले को पारदर्शी तरीके से निपटाया जाएगा। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) ने कहा कि बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों के सम्मान की सुरक्षा होनी चाहिए।
पढ़ें :- Padma Awards 2026 : 131 हस्तियों को मिला पद्म सम्मान, जानें लिस्ट में हैं और कौन-कौन नाम?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Indian Foreign Ministry spokesperson Randhir Jaiswal) ने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़ी हुई अपनी जिम्मेदारी को निभाना चाहिए। हम वहां पर लगातार हो रही चरमपंथी बयानबाजी और हिंसक घटनाओं से काफी चिंतित हैं।
इस्कॉन विश्व स्तरीय प्रतिष्ठित संगठन
रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal)ने इस्कॉन (ISKCON) मामले पर कहा कि वह एक विश्व स्तर का प्रतिष्ठित संगठन है। इस्कॉन (ISKCON) का समाज सेवा के बहुत मजबूत रिकॉर्ड है। हम बांग्लादेश सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह अपने देश के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। भारतीय विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) के प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार का बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर रुख बहुत स्पष्ट है।