Early symptoms of cancer: शरीर में किसी भी तरह की बीमारी होने पर कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं। अगर इन्हें समय रहते पहचान कर इलाज करा लिया जाय तो इससे बचा जा सकता है। वहीं अनदेखा करने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे ही कैंसर ऐसी जानलेवा बीमारी है जिससे शुरुआत में ही इलाज मिल जाय तो जान बचाई जा सकती है।
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कैंसर के एक ही नहीं कई कारण होते है। इस बीमारी का पता देर से चलता है, जिसकी वजह से जान बचा पाना मुश्किल हो जाता है। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिया जाएं तो इसका इलाज संभव है। ऐसे में शरीर में शरीर में सामान्य दिखने वाले बदलाव जो कैंसर की ओर इशारा कर सकते है। टअगर आप बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के तेजी से वजन घटते देख रहे है।
जैसे चार से पांच किलो या उससे अधिक तो ये चिंता का विषय हो सकता है। कई बार पेट, फेफड़े, पैंक्रियास या खाने की नवी का कैंसर संकेत देता है। इसके अलावा नाक, पेशाब, खांसी या मल के रास्ते से बार बार खून आ रहा है, तो इसकी जरा भी अनदेखी न करें। यह कोलन या ब्लैडर कैंसर का संकेत हो सकता है।
अगर आपको कई हफ्तों से खांसी बनी हुई बै और आवाज भारी और अजीब लग रही है तो यह लक्षण फेफड़ों या गले के कैंसर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा गर्दन, ब्रेस्ट, बगल या कहीं भी कोई असामान्य गांठ या सूजन दिख रही हो, जो दबाने पर दर्द न करे, तो डॉक्टर से दिखाना जरूरी है। ये कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
अगर खाना निगलते वक्त लगातार परेशानी हो रही है या ऐसा लगता है जैसे कुछ अटक रहा हो तो यह गले या खाने की नली के कैंसर की ओर इशारा कर सकता है। अगर किसी कट या घाव को हुए हफ्तों हो गए हैं, लेकिन वो ठीक नहीं हो रहा तो यह स्किन या ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है। खासकर तंबाकू या गुटखा खाने वालों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए।
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इतना ही नहीं अगर स्किन पर कोई नया तिल, निशान या मोल बन रहा है या पुराने तिल का रंग, आकार या बनावट बदल रहा है तो ये स्किन कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर हमेशा जरा बहुत काम करते ही या बिना वजह थकान लगती है और नींद के बाद भी थका हुआ महसूस करते है, शरीर में सुस्ती भी किसी तरह के कैंसर की शुरुआती संकेतों में से एक हो सकता है।ऐसे में लापरवाही की बजाय डॉक्टर से मिलना चाहिए।