Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. मणिपुर में नेताओं पर घात लगाकर हमला, तीन की मौत के बाद भड़का गुस्सा, प्रदर्शनकारियों ने एनएच2 को किया बंद

मणिपुर में नेताओं पर घात लगाकर हमला, तीन की मौत के बाद भड़का गुस्सा, प्रदर्शनकारियों ने एनएच2 को किया बंद

By हर्ष गौतम 
Updated Date

मणिपुर हिंसा। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को हुए एक हमले ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। हथियारबंद हमलावरों ने थाडौ बैपटिस्ट एसोसिएशन (TBA) से जुड़े चर्च नेताओं के काफिले पर अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें तीन वरिष्ठ चर्च नेताओं की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद कुकी-जो बहुल इलाकों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

पढ़ें :- मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा, दो समूहों के बीच गोलीबारी में 3 युवकों की मौत

जानकारी के मुताबिक, सभी लोग चुराचांदपुर जिले के लमका में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन से लौट रहे थे। इसी दौरान कोतजिम और कोतलेन इलाके के बीच घात लगाकर हमला किया गया। हमलावरों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हमले में मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव रेव. वी. सितल्होउ की मौत हो गई। उनके अलावा रेव. वी. कैगौलुन और पास्टर पाओगौलेन भी इस हमले में मारे गए। वहीं पांच अन्य घायल लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।

हाईवे जाम, इलाके में बंद का ऐलान

घटना के बाद गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे-2 पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई जगहों पर सड़क पर पत्थर और लकड़ियां डालकर रास्ता बंद कर दिया गया। यह हाईवे मणिपुर को नागालैंड और देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाला अहम मार्ग माना जाता है। कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (KSO) ने घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान कर दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सशस्त्र समूहों की गतिविधियों को रोकने में नाकाम रही हैं। हालांकि मेडिकल सेवाएं, बिजली, मीडिया और धार्मिक कार्यक्रमों को बंद से बाहर रखा गया है।

पढ़ें :- 'मोदी जी 2029 में मणिपुर जाते तो अच्छा होता तब तक सब शांत हो जाता...' कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

शांति प्रयासों पर हमला बताया

कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन का कहना है कि मारे गए चर्च नेता केवल धार्मिक भूमिका में ही नहीं, बल्कि हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति और सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने की कोशिशों में भी सक्रिय थे। बताया जा रहा है कि रेव. वी. सितल्होउ हाल ही में नागालैंड में आयोजित एक शांति पहल में शामिल हुए थे। ऐसे में उनकी हत्या को शांति वार्ता और सामाजिक संवाद पर सीधा हमला माना जा रहा है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।

Advertisement