भोपाल। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में ‘कांग्रेस किसान महाचौपाल’ में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहला स्पीकर लोकसभा का LoP होता है। लेकिन…हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि, मैंने संसद में पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे जी की किताब पर बात रखनी चाही, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया। नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि चीन के टैंक भारतीय सीमा की तरफ आ रहे थे। जब नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बातकर अपने लिए ऑर्डर मांगे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नरवणे जी ने NSA अजित डोवाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी फोन किया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
दो घंटे बीतने के बाद नरवणे जी ने राजनाथ सिंह को फोन कर फिर ऑर्डर मांगा और कहा-आप PM मोदी से बात कीजिए। राजनाथ सिंह ने PM मोदी से बात की। नरेंद्र मोदी ने नरवणे जी से बिना बात किए राजनाथ सिंह से कहा: नरवणे जी से कह दो- ‘जो उचित समझो, वो करो’। नरवणे जी ने अपनी किताब में लिखा है कि उस दिन हिंदुस्तान की सरकार और प्रधानमंत्री ने उन्हें और सेना को अकेला छोड़ दिया। यानी- जब आर्मी चीफ को ऑर्डर देने और चीन को रोकने का समय आया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गायब हो गए।
इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी ट्रेड डील पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि, चार महीने से अमेरिका के साथ ट्रेड डील रुकी हुई थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ दो कारणों की वजह से इसे साइन कर दिया। उन्होंने कहा कि, पहला कारण-अमेरिका में लाखों Epstein फाइलें बंद पड़ी हैं। लाखों फाइलों के ईमेल, मैसेज, वीडियो अभी तक रिलीज नहीं किए गए हैं। अमेरिका ने मोदी सरकार को धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज कर दिया है। मैसेज साफ था कि अगर हमारी बात नहीं सुनी तो फाइलों में से सबूत निकलेगा।
वहीं, उन्होंने कहा कि, दूसरा कारण-अडानी पर अमेरिका में क्रिमिनल केस है, वो अमेरिका नहीं जा सकते। अडानी, BJP और नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं- ऐसे में ये केस अडानी पर नहीं- नरेंद्र मोदी और BJP पर है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि, नरेंद्र मोदी को मेरा चैलेंज है कि, अगर दम है तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करके दिखाएं। लेकिन नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि: Epstein Files का डर और अडानी केस का डर उनको है।
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राहुल गांधी ने आगे कहा कि, अमेरिका कहता है- हम बांग्लादेश को टेक्सटाइल में 0% टैरिफ लगाएंगे। फिर मोदी सरकार के मंत्री कहते हैं-अगर भारत भी अमेरिका से कपास खरीदेगा, तो हमारा भी टैरिफ 0% हो जाएगा। लेकिन हम अमेरिका से कपास नहीं खरीदते, क्योंकि कपास हमारे यहां उगाया जाता है। ऐसे में हमारी पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।
नेता विपक्ष ने आगे कहा कि, 21वीं सदी में ‘डेटा’ सबसे जरूरी चीज है। जिसके पास डेटा होगा वो जीतेगा। जिसके पास डेटा नहीं होगा, वो ख़त्म हो जाएगा।आज दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा हिंदुस्तान के पास है। हिंदुस्तान के डेटा के बिना अमेरिका, चीन का मुकाबला नहीं कर सकता। लेकिन इस डील में नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान का सारा का सारा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया है। यानी- नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से डील करके किसानों को तबाह कर दिया, हमारा डेटा सौंप दिया और हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ख़त्म कर दिया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, अमेरिका का राष्ट्रपति ट्रंप कहता है-हिंदुस्तान हर साल 9 लाख करोड़ रुपए का सामान अमेरिका से खरीदेगा। सवाल है- हमारी इंडस्ट्री और हमारे किसानों का क्या होगा? इसके उलट- भारत अब ज्यादा टैक्स देगा, जबकि पहले हम टैक्स कम देते थे। यानी- डील में लिया कुछ नहीं, उल्टा सबकुछ बेच दिया।