आयुर्वेद कमें कई ऐसी चीजों का जिक्र है जिसके सेवन से शरीर की तमाम बीमारियों और दिक्कतों से छुटकारा दिलाने में मदद मिलती है। आज हम आपको ऐसे ही सोंठ, काली मिर्च और पिपली पाउडर को मिलाकर तैयार त्रिकटु पाउडर बनाने का तरीका बताने जा रहे है जिसका सेवन करने से कई दिक्कतों से छुटकारा दिलाता है।
इंस्टाग्राम पर आयुर्वेद डॉक्टर ने एक पोस्ट शेयर की है। जिसमें त्रिकटु पाउडर के सेवन के फायदों और इसके तरीकों के बारे में बताया है।
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त्रिकटु पाउडर को बनाने के लिए एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक चम्मच सोंठ पाउडर और एक चम्मच पिपली पाउडर को मिला लें। इन तीनों चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करके स्टोर कर लें।
अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है और इसे कम करना चाहती है तो डेली सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच त्रिकटु पाउडर मिलाकर पी लें।
इसके अलावा अगर भूख न लगने की दिक्कत है और वजन घट रहा है तो त्रिकटु पाउडर को दाल या सलाद में छिड़कर कर सेवन करें या फिर छाछ में मिलाकर पीएं। भूख बढ़ेगी।
अगर शरीर को डिटॉक्स करना है तो एक चौथाई चम्मच त्रिकटु पाउडर को एक गिलास पानी में डालकर उबालें और जब आधा रह जाए तो चाय की तरह पी लें।
इसके अलावा चेहरे पर मुहांसे और एक्ने की दिक्कत है तो त्रिकटु पाउडर इनसे छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इसके लिए एक चौथाई चम्मच त्रिकटु पाउडर को घी खाना खाने के पंदह मिनट पहले खा लें।
सर्दियों में सौंठ, पीपल और काली मिर्च का पाउडर बनाकर सेवन करें। इससे इम्यूनिटी मजबूत होगी और शरीर में गर्माहट बनी रहेगी। सौंठ, पीपल और काली मिर्च से बने इसे चूर्ण को त्रिकटु कहते हैं। ये बहुत ही पाचक चूर्ण होता है। इससे शरीर में बनने वाले विषाक्त पदार्थ दूर होते हैं।
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इसे खाने से पाचन शक्ति अच्छी बनी रहती है। इस चूर्ण का इस्तेमाल करने से आप लंबे समय तक निरोगी बने रहेंगे। इससे शरीर में गर्मी आएगी और सर्दी जुकाम की समस्या दूर होगी।इस चूर्ण का सेवन करने से गैस की समस्या दूर होती है। इससे अपच और पेट की आव में फायदा मिलता है।खांसी और कफ की समस्या से परेशान लोगों के लिए ये चूर्ण फायदेमंद है। साइनेस और दमा के मरीजो को इसे खाने से फायदा मिलता है। बबासीर के मरीज को भी इस चूर्ण का सेवन करने से फायदा होता है।