लखनऊ। यूपी (UP) की योगी सरकार ने B.Ed पास अभ्यर्थियों को BTC समकक्ष मान्यता देने के लिए सरकार ने 6 महीने का ऑनलाइन ब्रिज कोर्स Professional Diploma in Primary Education Training (PDPET) मंज़ूर कर दिया है। इस कोर्स का आयोजन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह फैसला राज्य के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
पढ़ें :- अस्पताल गेट पर प्रसव का मामला: भदोही के भ्रष्टाचारी CMO डॉ. संतोष कुमार चक पर आखिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई, कन्या भ्रूण हत्या कराने वालों से लग चुके हैं साठगांठ के आरोप
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया बड़ा कदम
सालों से लंबित यह मामला आखिरकार अब सुलझने की कगार पर है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने यह ब्रिज कोर्स मंज़ूर किया, जिससे करीब 30 हज़ार शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। अब B.Ed पास उम्मीदवार BTC समकक्ष योग्यता प्राप्त कर प्राइमरी शिक्षक बनने के पात्र होंगे।
2005 से लंबित मामला, अब खुलेगी नई राह
यह मामला साल 2005 से लंबित था। उस समय B.Ed अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं किया गया था, जिससे हजारों उम्मीदवार वर्षों तक पात्रता को लेकर संघर्ष करते रहे। सरकार के इस निर्णय से अब उन्हें न्याय और अवसर दोनों मिलने जा रहे हैं।
पढ़ें :- आधार में जन्मतिथि बदलवाने के नियम होंगे सख्त, 15 अक्तूबर से नई व्यवस्था होगी लागू
क्या है PDPET कोर्स?
यह कोर्स 6 महीने का ऑनलाइन ब्रिज कोर्स (Online Bridge Course) होगा।
इसे NIOS (National Institute of Open Schooling) आयोजित करेगा।
कोर्स पूरा करने के बाद B.Ed पास उम्मीदवारों को BTC के समकक्ष माना जाएगा।
यह मान्यता उन्हें प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल होने का अधिकार देगी।
पढ़ें :- UP में कांग्रेस को जल्द मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष, इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
शिक्षा विभाग का कहना
शिक्षा विभाग (Education Department) के एक अधिकारी ने कहा कि यह फैसला शिक्षा जगत में ऐतिहासिक है। जिन अभ्यर्थियों ने वर्षों तक संघर्ष किया, अब उन्हें न्याय मिलेगा। साथ ही, राज्य में प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी को पूरा करने में भी यह कदम सहायक होगा। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश और यूपी सरकार के फैसले के बाद शिक्षकों की यह लंबी लड़ाई अब मंज़िल के करीब है। PDPET कोर्स न सिर्फ एक “ब्रिज” है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य की नई शुरुआत भी है।