Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. UP NEET UG-2026 : काउंसिलिंग की तैयारी तेज, डीजीएमई ने ऑनलाइन काउंसिलिंग को पारदर्शी, सरल और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने पर दिया जोर

UP NEET UG-2026 : काउंसिलिंग की तैयारी तेज, डीजीएमई ने ऑनलाइन काउंसिलिंग को पारदर्शी, सरल और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने पर दिया जोर

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस एवं बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूपी नीट यूजी-2026 की प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई) की ओर से अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य काउंसिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित, तकनीक आधारित एवं अभ्यर्थी-केंद्रित बनाना है। साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण अपने स्वयं के मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी से करें तथा धरोहर धनराशि (सिक्योरिटी मनी) का भुगतान अपने ही बैंक खाते से करें, ताकि काउंसिलिंग से जुड़ी सभी सूचनाएं समय पर प्राप्त हों और धरोहर धनराशि की वापसी की प्रक्रिया भी सुगमता से पूरी की जा सके।

पढ़ें :- पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शहबाज़ शरीफ के साथ कर दिया बड़ा खेला! तख्तापलट का ब्लूप्रिंट तैयार, राजधानी इस्लामाबाद सील

यूपी नीट यूजी 2026 की काउंसिलिंग में केवल नीट यूजी-2026 की प्रवेश परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थी ही प्रतिभाग कर सकेंगे। सभी पात्र अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइट https://upneet.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। काउंसिलिंग से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं पंजीकरण के दौरान दर्ज मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन से प्रक्रिया होगी अधिक सुविधाजनक

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था की है। पंजीकरण के समय प्रत्येक अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक नोडल सेंटर का चयन करेगा तथा आवश्यक अभिलेख ऑनलाइन अपलोड करेगा। इसके अंतर्गत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की अंकतालिका, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) तथा डोमिसाइल प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) अपलोड किए जाएंगे। इससे काउंसिलिंग प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

₹2,000 पंजीकरण शुल्क, च्वाइस फिलिंग के लिए सिक्योरिटी मनी अनिवार्य

पढ़ें :- 15 अगस्त सिर्फ आजादी का दिन नहीं, बल्कि इस तारीख को हुईं थी देश में ये बड़ी घटनाएं

ऑनलाइन काउंसिलिंग में प्रतिभाग करने के लिए ₹2,000 का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा। च्वाइस फिलिंग के लिए निर्धारित धरोहर धनराशि (सिक्योरिटी मनी) ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य होगा।

राजकीय मेडिकल एवं डेंटल सीटों के लिए ₹30,000, निजी मेडिकल सीटों के लिए ₹2,00,000 और निजी डेंटल सीटों के लिए ₹1,00,000 धरोहर धनराशि निर्धारित है। जो अभ्यर्थी राजकीय एवं निजी मेडिकल तथा डेंटल—सभी प्रकार की सीटों के लिए काउंसिलिंग में प्रतिभाग करना चाहते हैं, उन्हें ₹2 लाख की धरोहर धनराशि जमा करनी होगी। वहीं, जो अभ्यर्थी केवल राजकीय एवं निजी डेंटल कॉलेजों की सीटों के लिए काउंसिलिंग में प्रतिभाग करना चाहते हैं, उनके लिए ₹1 लाख की धरोहर धनराशि निर्धारित की गई है। धरोहर धनराशि जमा किए बिना च्वाइस फिलिंग नहीं की जा सकेगी।

स्वयं के बैंक खाते से ही करें भुगतान

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि धरोहर धनराशि का भुगतान अपने स्वयं के बैंक खाते से ही करें। काउंसिलिंग के सभी चरण पूर्ण होने के बाद नियमानुसार धरोहर धनराशि उसी बैंक खाते में वापस की जाएगी, जिससे भुगतान किया गया होगा। धरोहर धनराशि किसी भी स्थिति में शिक्षण शुल्क में समायोजित नहीं की जाएगी।

प्रथम चरण में ‘फ्री एग्जिट’ की सुविधा

पढ़ें :- राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, बोले-' भारत के भविष्य को माफ करने वाले वो होते हैं कौन? इस सोच के पीछे है RSS का खतरनाक विचार

अभ्यर्थियों के हित में प्रथम चरण की काउंसिलिंग में ‘फ्री एग्जिट’ की सुविधा प्रदान की गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को प्रथम चरण में सीट आवंटित होती है और वह प्रवेश नहीं लेता है, उसे नियमानुसार फ्री एग्जिट की सुविधा प्रदान की गई है। ऐसे अभ्यर्थी द्वितीय अथवा तृतीय चरण की काउंसिलिंग में भी पुनः प्रतिभाग कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी प्राथमिकता के अनुरूप बेहतर विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा।

 

आरक्षण प्रमाण-पत्रों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश

महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ओबीसी, एससी, एसटी एवं ईडब्ल्यूएस सहित सभी आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर उत्तर प्रदेश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होने चाहिए।

विशेष रूप से ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल, 2026 अथवा उसके बाद जारी होना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को अद्यतन प्रारूप में प्रमाण-पत्र बनवाने की सलाह दी गई है, ताकि ऑनलाइन सत्यापन सुगमता से हो सके। भारत सरकार के अधीन सेवाओं के लिए जारी आरक्षण प्रमाण-पत्र इस काउंसिलिंग में मान्य नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त अन्य राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में माना जाएगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए डीजीएचएस द्वारा अधिकृत केंद्रों से जारी प्रमाण-पत्र तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित एवं भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के लिए निर्धारित प्रारूप के प्रमाण-पत्र ही मान्य होंगे।

च्वाइस फिलिंग प्राथमिकता के आधार पर करें, लॉक करना अनिवार्य

पढ़ें :- video-छात्राएं जान जोखिम में डालकर जा रहीं स्कूल, मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बदहाल बुनियादी सुविधाओं की हकीकत

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों का चयन अपनी वास्तविक प्राथमिकता के आधार पर करें तथा केवल उन्हीं संस्थानों की च्वाइस भरें, जहां प्रवेश लेने के इच्छुक हों। च्वाइस फिलिंग के बाद च्वाइस लॉक करना अनिवार्य होगा। च्वाइस लॉक होने के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सरकारी और निजी संस्थानों के लिए प्रवेश व्यवस्था

राजकीय मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में आवंटित अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया संबंधित कॉलेज में पूरी की जाएगी। वहीं निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में आवंटित अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शासन द्वारा नामित नोडल सेंटर पर संपन्न होगी।

पारदर्शी, तकनीक आधारित और अभ्यर्थी-केंद्रित काउंसिलिंग व्यवस्था

महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण द्वारा जारी इन विस्तृत दिशा-निर्देशों के माध्यम से यूपी नीट यूजी-2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, समयबद्ध और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, स्पष्ट आरक्षण प्रावधान, सुव्यवस्थित च्वाइस फिलिंग तथा चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था जैसी व्यवस्थाएं अभ्यर्थियों को पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया सरल, सहज और सुगम तरीके से पूर्ण करने में सहायक होंगी।

Advertisement