ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में एक मासूम की लापरवाही के गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। एक ही महीने पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (Software engineer Yuvraj Mehta) फिर दिल्ली में कमल और अब रविवार को ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में लापरवाही के गड्ढे का शिकार तीन साल का मासूम देवांश हो गया।
पढ़ें :- बरेली में बहू की पिटाई से आहत सास ने खाया जहर, पिटाई का वीडियो वायरल
गांव दलेलगढ़ (Village Dalelgarh) में वह अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। शनिवार दोपहर खेलते-खेलते छह से सात फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुचर भूमि पर यह गड्ढा है। ग्रेनो प्राधिकरण (Greater Noida Authority) से इसकी तारबंदी कराने के लिए शिकायत कई बार की गई थी लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं बरती है। प्राधिकरण का दावा है कि यह जमीन किसान की है।
बिलासपुर के निकट दलेलगढ़ गांव (Village Dalelgarh) निवासी अनिल ठाकुर की बेटी अंजली की शादी सिकंदराबाद के गांव सपौनी निवासी राकेश से हुई है। अनिल शादी-विवाह समेत अन्य आयोजनों में बाल काटते हैं। गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि (Daleshwar Baba’s Samadhi) पर अंजली के भाई देवेंद्र ने 41 दिन का धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया था। शनिवार को उसका अंतिम दिन था। इस दौरान भंडारा हो रहा था।
खेलते-खेलते गड्ढे में डूब गया देवांश
इसी आयोजन में अंजली बेटे देवांश और अन्य परिजनों के साथ आई थीं। भंडारे के दौरान देवांश अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते गड्ढे में डूब गया। कुछ देर बाद उसका कोई पता न चलने पर परिजन और रिश्तेदार उसे ढूंढने लगे लेकिन कुछ पता नहीं चला।
पढ़ें :- लखनऊ में रियल एस्टेट कारोबारी को बेखौफ बदमाश ने मारी गोली, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
गड्ढे में भरे पानी में दिखी बच्चे की टोपी
इसी दौरान किसी ने समाधि स्थल के निकट गड्ढे में भरे पानी में बच्चे की टोपी देखी। लोग फौरन पानी में उतरे और बच्चे को निकाला। आनन फानन उसे नजदीकी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत पर समारोह स्थल पर मातम छा गया। इस दौरान परिजन का भी रो-रोकर हाल बेहाल हो गया।
घटना के बाद सदर तहसीलदार डॉ. अजय, नायब तहसीलदार ज्योत सिंह व लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। रविवार को मौके पर उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच की।
जिस गड्ढे में बच्चा डूबा, वह पशुचर जमीन : ग्रामीण
ग्रामीण अमित भाटी, कृष्णकांत शर्मा, विनोद, लीलू प्रधान, रवि आदि ने बताया कि जिस गड्ढे में मासूम डूब, वह पशुचर जमीन में है। उन्होंने कहा कि जब जिसका मन किया उसने यहां से मिट्टी निकाल ली। कभी प्राधिकरण तो कभी ग्रामीण इस जमीन से मिट्टी ले गए और इस तरह यह जानलेवा गड्ढा बनता गया। उधर धीरे-धीरे इसमें बारिश और नालियों का पानी भरता गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से गड्ढे में पानी भरने के कारण हादसे की आशंका जताते हुए तारबंदी की मांग की लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
पढ़ें :- पिछली सरकारों के पापों का गड्ढा भरने और भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में लगा समय : सीएम योगी
यह भूमि किसानों की है : प्राधिकरण
हादसे की खबर मिलते ही वर्क सर्किल के सीनियर मैनेजर को मौके पर भेजा गया। जांच में पता चला कि खसरा संख्या 373 की भूमि पर यह गड्ढा है जिसमें पानी भरा है। यह भूमि वहां पर ग्रामीण गंगाराम और धर्मवीर की है। इसके चलते प्राधिकरण सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। -एके सिंह, जीएम, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर सिंह ने बताया कि दलेलगढ़ हादसे में परिवार की ओर से कोई भी शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।