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जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर बवाल, CJP ने उठाए सवाल, अभिजीत दीपके बोले कल लोकतंत्र रद्द कर देंगे?

By Sushil Sah 
Updated Date

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन की जगह को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी ने नाराजगी जताई है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इस फैसले पर सवाल उठाया है। साथ ही तंज कसते हुए कहा है कि यदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं हो सकता, तो क्या कल लोकतंत्र को ही समाप्त कर दिया जाएगा?

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क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि जंतर-मंतर काफी लंबे समय से दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र रहा है। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के तहत अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के बाद CJP ने फैसले पर आपत्ति जताई है। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति देने की मांग की है।

बता दें कि CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहती है। वहीं पार्टी नेताओं का कहना है कि जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल को सूची से हटाने से लोगों के विरोध दर्ज कराने के अधिकार पर सवाल खड़े होते हैं। ये पार्टी की आपत्तियां हैं, पुलिस ने प्रदर्शन स्थल बदलने का फैसला अपने आदेश के तहत किया है।

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

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CJP के फाउंडर व नेता अभिजीत दीपके ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह नहीं मिलेगी, तो विरोध की आवाज देशभर में उठेगी। यानी कि उनकी प्रतिक्रिया का सार था कि “अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा।”

फिलहाल, यह विवाद प्रदर्शन स्थल के बदलाव, पुलिस की अनुमति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CJP को प्रदर्शन की अनुमति मिलती है या नहीं। साथ ही प्रशासन इस मामले में किस तरह का कदम उठाता है।

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