Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. अमेरिकी खुफिया एजेंसी चीफ तुलसी गबार्ड ने राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के दावों की निकाली हवा, बोलीं-ईरान नहीं बना रहा था परमाणु हथियार…

अमेरिकी खुफिया एजेंसी चीफ तुलसी गबार्ड ने राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के दावों की निकाली हवा, बोलीं-ईरान नहीं बना रहा था परमाणु हथियार…

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिकी डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबार्ड (US Intelligence Chief Tulsi Gabbard)  के हालिया एक बयान ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तुसली गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी (Senate Intelligence Committee) को दी गई लिखित गवाही में कहा कि 2025 में अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ (Operation Midnight Hammer) के बाद ईरान की न्यूक्लियर एनरिचमेंट क्षमता पूरी तरह तबाह हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद ईरान ने अपनी परमाणु संवर्धन क्षमता (Nuclear Enrichment Capability) को दोबारा बनाने की कोई कोशिश नहीं की।

पढ़ें :- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, कहा-मैंने रुकवाए आठ युद्ध, ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार

ट्रंप के दावे से उलट गबार्ड का बयान, सीनेट में उठा विवाद

यह निष्कर्ष अमेरिकी  राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के उस दावे के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान तेजी से अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम (Nuclear Program) दोबारा बना रहा है और कुछ ही हफ्तों में परमाणु हथियार हासिल कर सकता है। इसी आधार पर ट्रंप ने ‘तत्काल न्यूक्लियर खतरे’ का हवाला देते हुए युद्ध शुरू किया गया था। सीनेट की सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट नेताओं ने गबार्ड से सवाल किया कि उन्होंने यह अहम जानकारी मौखिक बयान में क्यों नहीं दोहराई? इस पर गबार्ड ने कहा कि समय की कमी के कारण कुछ हिस्से नहीं पढ़े जा सके।

IAEA का भी बयान

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख ने भी हाल ही में कहा है कि ईरान फिलहाल परमाणु हथियार बनाने के किसी सक्रिय कार्यक्रम में नहीं है। वह जल्द बम बनाने की स्थिति में नहीं था।

पढ़ें :- अमेरिका के 3 मीडिया हाउस पर बैन के बाद राष्ट्रपति की लाइव कवरेज रोकी, जवाब में व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया ‘Trump TV’

अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट ने ईरान युद्ध की वैधता पर खड़ा कर दिया बड़ा सवाल 

युद्ध को अब 20 दिन हो चुके हैं। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ा हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। भारत समेत कई देशों पर महंगाई का असर दिख रहा है। अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट (US Intelligence Report) ने ईरान युद्ध की वैधता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब बहस इस बात पर है कि यह युद्ध वास्तविक खतरे के कारण था या एक रणनीतिक और राजनीतिक फैसला या रिजिम चेंज करने की रणनीति।

Advertisement