ड़ी में शांतिप्रयासों के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा अटैक किया है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के करीब ईरानी ठिकानों (Iranian targets) पर 24 घंटे में दूसरी बार हमला किया है।
US-Iran attack : खाड़ी में शांतिप्रयासों के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा अटैक किया है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के करीब ईरानी ठिकानों (Iranian targets) पर 24 घंटे में दूसरी बार हमला किया है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के आदेश पर सेना ने ईरान के सैन्य बेस, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन भंडारण केंद्र (Drone storage center) और समुद्री बारूदी सुरंग (Mine) बिछाने की क्षमताओं को हमले के लिए चुना।
दूसरी तरफ ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, दक्षिणी शहर सिरिक के करीब धमाके की आवाज सुनाई दी। कई मिसाइल एक दूरसंचार टावर (telecommunication tower) से जा टकराए। ये हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब वॉशिंगटन (Washington) और तेहरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) की सहमति बनी। ऐसे में अमेरिका की इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल देखने को मिला।
CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज से कमर्शियल शिप्स ( Commercial ships ) की आवाजाही जारी रहने वाली है। अमेरिकी सेना पूरी तरह से सतर्क होने के साथ सक्षम है। वह किसी भी हालात से निपटने को लेकर तैयार है।
ईरानी ड्रोन हमले
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ रडार ठिकानों (Radar sites) पर अटैक किया था। वॉशिंगटन के अनुसार, यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में किया गया था।
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (US Vice President JD Vance) ने ईरान को चेताया है कि अगर वह हिंसा भी भाषा में बात करेगा तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।