US-Israel war on Iran : पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते युद्ध के 10 दिन बीत गए है। अमेरिका और ईरान के युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। जहां अमेरिकी हमले में ईरान में मिसाइलों आवजे सुनाई दे रही है वहीं ईरान भी अपनी मिसाइलों से खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों जमकर हमला कर रहा है। अमेरिकी नौसेना ने फारस की घाटी में ईरान के तीन जहाजों पर हमला किया है। रिपोर्टों के अनुसार ये जहाज तेल टैंकर बताए जा रहे हैं। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पढ़ें :- Intoxicated young man stole a plane : नशे में धुत युवक ने चुरा लिया प्लेन और पहुंच गया न्यूक्लियर प्लांट के पास, रोकने के लिए उतारे फाइटर जेट्स
दूसरी तरफ तुर्की के रक्षा मंत्रालय की ओर से दावा किया गया है कि ईरान ने एक और बैलिस्टिक मिसाइल उसकी ओर छोड़ी है। उसकी ओर से छोड़ी गई मिसाइल को नाटो के डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया। इससे किसी को भी कोई नुकसान नहीं हुआ है।
इस बीच ईरान में बड़ी राजनीतिक हलचल के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सोमवार को यह फैसला लिया। इसके बाद ईरान के राजनीतिक और सैन्य संस्थान तेजी से उनके समर्थन में खड़े होते नजर आए हैं। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने घोषणा करते हुए ईरानियों से नए नेता के प्रति निष्ठा जताने और एकजुट रहने की अपील की। परिषद ने कहा कि यह फैसला बाहरी दबाव और सुरक्षा खतरों के बावजूद लिया गया है।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा कि अली खामेनेई की मौत के बाद दुश्मनों को लगा था कि ईरान राजनीतिक संकट में फंस जाएगा। लेकिन कानूनी प्रक्रिया के जरिए मोजतबा खामेनेई को नया नेता चुन लिया गया।
युद्ध का असर सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा। अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा खतरे बढ़ने के कारण सऊदी अरब से गैर-जरूरी अमेरिकी राजनयिकों को तुरंत निकलने का आदेश दिया है।