Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. VIDEO-मां की ममता मानने को तैयार नहीं कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है, कभी ऑक्सीजन देती तो कभी CPR देकर वापस जिंदा करने की कोशिश करती

VIDEO-मां की ममता मानने को तैयार नहीं कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है, कभी ऑक्सीजन देती तो कभी CPR देकर वापस जिंदा करने की कोशिश करती

By santosh singh 
Updated Date

आरा। बिहार (Bihar) के आरा जिले (Ara District) एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। इस वीडियो एक मां की ममता का हृदयविदारक दृश्य (Heartbreaking Scene)  देखने को मिल रहा है है। मां और बेटे का रिश्ता भगवान बनाते हैं। दरअसल एक किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इस बात की जानकारी जैसे ही उसकी मां को मिली, वह भागते हुए सदर अस्पताल (Sadar Hospital) पहुंची, जहां उसका बेटा मृत पड़ा था, लेकिन मां की ममता मानने के लिए तैयार ही नहीं थी कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है। वह मां खुद ही कभी मृत बेटे को ऑक्सीजन देती तो कभी उसे सीपीआर (CPR) देकर वापस जिंदा करने की कोशिश करती। मां की ममता का ह्रदयविदारक दृश्य (Heartbreaking Scene) अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, उसकी आंखें भर आती हैं। मृतक की मां होमगार्ड में कार्यरत है।

पढ़ें :- Yogi Cabinet : सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ा, मंथली रिटेनरशिप के ऊपर बहस की नई फीस फिक्स

स्थानीय लोगों ने बताया कि आरा के नवादा थाना क्षेत्र के गोढना रोड के रहने वाले सुमन देवी (Suman Devi) और उनके पति संतोष शर्मा के पुत्र मोहित राज (Mohit Raj) ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आसपास के लोगों ने उसे सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि किशोर का फांसी लगाना और मृत घोषित होना इस खबर का उद्देश्य नहीं है, बल्कि इस खबर का उद्देश्य उसकी मां का ममता है।

पढ़ें :- योगी कैबिनेट ने प्रदेश के 5 जिलों में नई जेल, 17 नगर निगमों को संचालित होंगी 1725 इलेक्ट्रिक बसें

मां अपने बेटे को अभी मौत के मुंह में जाने देने के लिए तैयार नहीं थी

इस घटना की जानकारी मिलते ही आरा डीएम ऑफिस में होमगार्ड सिपाही में कार्यरत मां सुमन देवी भागते हुए सदर अस्पताल पहुंची, जहां उसकी नजर उसके मृत पड़े बेटे पर पड़ी । उसका पुत्र मृत अवस्था में पड़ा था, लेकिन मां तो मां होती है। यह मां अपने बेटे को अभी मौत के मुंह में जाने देने के लिए तैयार नहीं थी। मां सुमन देवी वर्दी में ही थी। वह सदर अस्पताल पहुंची। डॉक्टर के द्वारा बताए जाने के बावजूद वह अपने बेटे को मरा हुआ मानने को तैयार नही हुई और मृत बेटे को अपने मुंह से ऑक्सीजन देने लगी।.इतना से मन नही भरा तो सीपीआर भी दी, लकिन बच्चे की मौत हो चुकी थी। करीब घण्टे भर तक होमगार्ड मां ये सब करती रही अंत मे अपने मृत बेटे के शव को पकड़ कर अचेत हो गई।

मां कितनी बड़ी योद्धा होती है?

मां के इस दृश्य को देख मौके पर मौजूद हर लोगो की आंखे नम हो गई। हर कोई मां की ममता उसके दया और पुत्र मोह की चर्चा करने लगा। इस दौरान कई लोगों ने इस दृश्य को अपने कैमरे में भी कैद किया। थोड़ी ही देर बाद आरा के तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह वीडियो तैरने लगा। जो भी इस वीडियो को देख रहा है वह ग़मगीन हो रहा है। मां कितनी बड़ी योद्धा होती है, फिलहाल यही चर्चा हो रही है इसकी चर्चा रुकने का नाम नही ले रहा।

पढ़ें :- सीएम योगी ने सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय व मासिक भत्तों में 50 फीसदी का किया इजाफा, प्रशान्त सिंह अटल ने  किया स्वागत
Advertisement