नई दिल्ली। इस्लामिक देश ईरान (Iran) ने पिछले साल ही सख्त हिजाब कानून (Hijab Law) को लागू करने पर रोक लगी दी है, लेकिन वहां अभी भी महिलाएं हिजाब बैन (Hijab Ban) के खिलाफ हल्ला बोल रही हैं। इसी तरह के एक वाकए में ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद (City Mashhad) में एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पहले अपने सभी कपड़े उतार दिए फिर नग्न (Muslim Naked) होकर पुलिस वाहन के बोनट पर खड़ी होकर हंगामा करने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महिला सशस्त्र बलों के अधिकारियों पर चिल्लाती हुई दिखाई दे रही है।
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BODY RIOT
A woman in Mashhad, Iran, shouting ‘eat shit’ and ‘none of your business’ in nude protest on top of police car. #BodyRiot #Grrlpower #Riot #Rebel #Protest#WomanLifeFreedom #Iran #IranProtests #Police #NakedWar #Femen #Feminism #Activism#EveryWomanIsARiot pic.twitter.com/OAEUkYIQHs
— sophiasept (@sophiasept) February 2, 2025
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महिला की इस करतूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो में दिख रहा है कि हंगामा करने वाली महिला पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर विंडशील्ड की ओर बढ़ते हुए और अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठ रही है। महिला की हालत देखकर वहां मौजूद एक सशस्त्र पुरुष अधिकारी मामले में दखल देने में हिचकिचाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के अंत में महिला ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और विरोध में चिल्लाने लगीं।
महिला इस्लामी गणराज्य में महिलाओं के लिए सख्त प्रावधानों का विरोध कर रही थी। वह शरीर को पूरी तरह से ढकने से इनकार भी करती दिखी। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर उस महिला के पति ने कहा कि फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत ठीक नहीं है। बता दें कि दिसंबर में, ईरानी सांसद ने विवादास्पद ‘पवित्रता और हिजाब’ कानून पारित किया था, जिसमें उन महिलाओं और लड़कियों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया था जो अपने बाल, हाथ या पैर का प्रदर्शन करती हैं। हालांकि, महिलाओं के व्यापक विरोध के बाद ईरानी सरकार झुक गई थी और इस कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी। तब ईरानी सरकार ने कहा था कि इसमें सुधार की जरूरत है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) समेत कई वैश्विक संगठनों ने ईरान के इस कानून की निंदा की थी और इसे दमनकारी और दमघोंटू व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कहा था। प्रस्तावित कानून में भारी जुर्माना और बार-बार अपराध करने वालों के लिए 15 साल तक की कैद का भी प्रावधान किया गया था।