नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR) के अंतर्गत कर्नाटक के खूबसूरत और कठिन माने जाने वाले पश्चिमी घाट (Western Ghats) इलाके में देश की प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ का सफल सुरक्षा ट्रायल रन आयोजित किया है। यह ट्रायल मुख्यतः बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग (Bengaluru-Mangaluru railway line) पर स्थित सखलेशपुर से सुब्रह्मण्य रोड के बीच 55 किलोमीटर लंबे चुनौतीपूर्ण घाट सेक्शन में संपन्न हुआ।
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इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद जटिल रास्ता
पश्चिमी घाट का यह रेल मार्ग अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कठिन इलाके के लिए जाना जाता है। घने जंगलों, गहरी घाटियों और पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाले इस रूट पर ट्रेन चलाना काफी जोखिम भरा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
इस 55 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 57 सुरंगें (Tunnels), 226 बड़े-छोटे पुल और 108 तीखे मोड़ हैं। यहाँ की चढ़ाई और ढलान काफी सीधी है, जहाँ सामान्य ट्रेनों की गति पर नियंत्रण रखने के लिए अतिरिक्त इंजन (बैंकर लोकोमोटिव) जोड़ने पड़ते हैं।
Where Nature Meets Modern Technology!
A Vande Bharat glides through an endless ocean of green, winding through the landscape, disappearing into the mist and emerging again.#VandeBharatExpress pic.twitter.com/WtXoN0vJEZ
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— MyGovIndia (@mygovindia) August 23, 2026
ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक (AEB) तकनीक की जांच
पहाड़ी रास्ते पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा विशेष रूप से तैयार 20 कोच वाली इस वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक (AEB) तकनीक लगाई गई है। यह सिस्टम ढलान पर ट्रेन की गति सीमा से अधिक होते ही खुद-ब-खुद इमरजेंसी ब्रेक सक्रिय कर देता है। अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) और रेलवे अधिकारियों की निगरानी में ट्रेन के ब्रेक, गति और मोड़ों पर स्थिरता की गहन जाँच की गई।
पर्यटन और यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
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ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) से मंजूरी मिलने के बाद इस मार्ग पर नियमित सेवा शुरू की जाएगी। इससे बेंगलुरु और तटीय शहर मंगलुरु के बीच यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। साथ ही, बड़ी खिड़कियों वाली इस आधुनिक ट्रेन में बैठकर यात्री पश्चिमी घाट के सुरम्य नज़ारों और धुंध से ढकी पहाड़ियों का लुत्फ उठा सकेंगे।
रिपोर्ट: दीपांजली मिश्रा