Delhi AQI Controversy: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को दिवाली के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। जिसके बाद मंगलवार की सुबह दिल्ली में कई जगहों पर एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। यहां के 38 में से 36 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों ने ‘रेड जोन’ में प्रदूषण दर्ज किया। इस बीच आम आदमी पार्टी ने सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर हमलावर है। दिल्ली अध्यक्ष और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि AQI 999 से भी ज्यादा, दिल्ली सरकार डाटा छिपा रही है।
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आप नेता सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए हैं। उन्होंने एक मीडिया ग्रुप के कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया है। जिसमें सीएम रेखा गुप्ता शामिल होने पहुंची थी। इसके साथ ही भारद्वाज ने लिखा, ‘जिस CM को लेकर “AQI” बोलना नहीं आता, आप उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं?’ उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, ‘ पहले यह संदेह था कि बीजेपी की दिल्ली सरकार का मल्टी-करोड़ “पटाखा लॉबी” के साथ कुछ समझौता था, लेकिन अब यह लगभग निश्चित है। दिल्ली सरकार के जिला मजिस्ट्रेट, उनकी टीमें और दिल्ली पुलिस ने सामान्य पटाखों की अवैध बिक्री को नहीं रोका, हालांकि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति केवल “हरे पटाखों” के लिए थी।’
जिस CM को लेकर “AQI” बोलना नहीं आता, आप उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं? pic.twitter.com/MfrNSopoAD
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 21, 2025
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दिल्ली आप अध्यक्ष ने लिखा, ‘दिवाली की रात दिल्ली के प्रदूषण स्तरों PM2.5 और PM10 के CPCB डेटा उपलब्ध क्यों नहीं ? (20 अक्टूबर की शाम 7 बजे से 21 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक)… दिवाली की रात अधिकांश DPCC वायु प्रदूषण निगरानी स्टेशनों पर डेटा क्यों गायब था? क्या सरकार अब प्रदूषण डेटा में हेराफेरी कर रही है?” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘AQI 999 से भी ज़्यादा… सरकार AQI का डाटा छुपा रही है, मगर लोगों के अपने पॉल्यूशन मॉनिटरिंग डिवाइस सच दिखा रहा है। किसी ने ये वीडियो भेजा है। सवाल है सरकार क्यों चाहती है कि लोग बीमार पड़ें?’
पहले यह संदेह था कि बीजेपी की दिल्ली सरकार का मल्टी-करोड़ “पटाखा लॉबी” के साथ कुछ समझौता था, लेकिन अब यह लगभग निश्चित है।
दिल्ली सरकार के जिला मजिस्ट्रेट, उनकी टीमें और दिल्ली पुलिस ने सामान्य पटाखों की अवैध बिक्री को नहीं रोका, हालांकि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति केवल “हरे पटाखों”…
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 21, 2025
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की SAMEER ऐप के अनुसार, दिल्ली के 38 में से 36 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों ने ‘रेड जोन’ में प्रदूषण दर्ज किया। यानी हवा ‘बेहद खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच चुकी है। दिवाली के अगले दिन यानी मंगलवार सुबह 6 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 347 था, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। कुछ जगहों पर तो एक्यूआई 400 को पार कर गया। सुबह 6 बजे तक- बवाना में AQI 418, वजीरपुर में AQI 408, जहांगीरपुरी में AQI 404, आईटीओ में AQI 345, आया नगर में AQI 349, चांदनी चौक में AQI 347, आनंद विहार में AQI 352, नोएडा में AQI 324, ग्रेटर नोएडा में AQI 288, गाजियाबाद में AQI 326 और गुरुग्राम में AQI 338 दर्ज किया गया है।
AQI 999 से भी ज़्यादा
सरकार AQI का डाटा छुपा रही है, मगर लोगों के अपने पॉल्यूशन मॉनिटरिंग डिवाइस सच दिखा रहा है ।
किसी ने ये वीडियो भेजा है। सवाल है सरकार क्यों चाहती है कि लोग बीमार पड़ें ? pic.twitter.com/YsiIrUkESB
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दूसरी तरफ, बढ़ते प्रदूषण के बीच CAQM ने रविवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के दूसरे चरण को लागू कर दिया था। GRAP के तहत प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन आतिशबाज़ी ने इन कोशिशों पर पानी फेर दिया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन फटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी। पटाखे सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक फोड़े जा सकते थे। लेकिन, देर रात तक आतिशबाजी होती रही, जिसने हवा को और जहरीला कर दिया।