Tamil Nadu No party secures a majority : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार घोषित किए गए। जिनमें तमिल सुपरस्टार जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और 77 साल पुराना डीएमके का किला ढह गया। थलपति विजय को राज्य के भावी सीएम के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन, राज्य में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया है। ऐसे में टीवीके को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
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किन दलों से समर्थन मिलने की उम्मीद?
विजय की पार्टी ने तमिलनाडु में अकेले चुनाव लड़ा और 108 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि डीएमके को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिली हैं। राज्य की विधानसभा की कुल 234 सीटों के हिसाब से सरकार बनाने के लिए 118 सीटें होनी चाहिए। ऐसे में टीवीके को सरकार बनाने के लिए अभी भी 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। जिसके लिए उसे दूसरी पार्टियों की मदद लेनी ही पड़ेगी। तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखें तो डीएमके के साथ चुनाव लड़ने वाली पार्टियों का समर्थन विजय की पार्टी को मिल सकता है। जिनमें कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके का समर्थन मिल सकता है। इस चुनाव में कांग्रेस ने पांच, सीपीआई ने दो, सीपीआई (एम) ने दो और वीसीके ने दो सीट जीती हैं। टीवीके और इन पार्टियों के विधायकों को मिलाकर कुल 119 विधायक हो रहे हैं। यानी सरकार बनाई जा सकती है।
दूसरी तरफ, एनडीए का हिस्सा होने के कारण AIADMK की ओर से टीवीके को समर्थन देने की संभावना कम लगती है, क्योंकि भाजपा को विजय अपना वैचारिक विरोधी मानते हैं। वहीं, चुनाव से पहले कांग्रेस और टीवीके के गठबंधन की चर्चा थी और राहुल गांधी ने जीत के बाद विजय से बात करके जीत की बधाई दी है। ऐसे में डीएमके के सहयोगियों के टीवीके से हाथ मिलाने की संभावना ज्यादा है।