भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले (Bhavnagar District) के पालिताना तालुका (Palitana Taluka) स्थित गराजीया गांव (Garajiya Village) से रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल है, जिसे देखकर किसी की भी सांसें थम जाएं। बीते सोमवार सुबह एक किसान कालूभाई परमार (Farmer Kalubhai Parmar) जब अपने मवेशियों को चारा देने जा रहा था, तभी एक युवा शेरनी ने उस पर पीछे से अचानक हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटक दिया।
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#गुजरात की घटना सुनने में आ रहा है कि एक आदमी पर शेर ने हमला कर दिया ओर 30 मिनट तक उसे अपने पंजों से दबाए रखा और बाद में उसे एक नयी जिदगी दे दी #शेर #गुजरात #राजस्थान pic.twitter.com/dBCZlyNp0N
— Naresh Sevda jaat ✪ (@NareshSevda4) July 6, 2026
शेरनी ने अपना एक पैर किसान कालूभाई परमार के शरीर पर रख दिया और करीब आधे घंटे तक उसके ऊपर ही बैठी रही। इस बेहद डरावने पल में चरवाहे ने गजब का धैर्य दिखाया। वह बिल्कुल शांत लेटा रहा और बिना किसी आक्रामक हलचल के शेरनी को सहलाता रहा ताकि वह भड़के नहीं। आखिरकार ग्रामीणों के भारी शोर-शराबे के बाद शेरनी वहां से हटी। किसान को केवल शेर के नाखूनों की मामूली चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर है।
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करीब 30 मिनट तक वो शेरनी से खुद को छुड़ाने की कोशिश करता दिखा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसान की जान बच गई। वन अधिकारियों के मुताबिक, किसान की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। किसान ने बाद में मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि कैसे 30 मिनट बाद भी वह शेरनी के चंगुल से जिंदा बचकर निकल आया?
वन अधिकारी बोले- शेरनी को उकसाया, तब हमला किया
यह घटना जिस इलाके में हुई, वहां वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य बात है। शेत्रुजी वन्यजीव प्रभाग के अधिकारी चिराग अमीन ने बाद में बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लग रहा है कि लोगों ने शेरनी को उकसाया होगा, जिससे वह आक्रामक हो गया और किसान पर हमला कर दिया। घायल परमार को भावनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। अमीन ने बताया कि शेर की पहचान एक अर्ध-वयस्क नर शेरनी के रूप में की गई है और उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
कालूभाई परमार ने मीडिया से बातचीत में इसका खुलासा किया कि वह कैसे शेरनी के चंगुल से जिंदा बच गया। उसने घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कहा कि मैं सुबह अपनी गाय को चारा देने गया था। शेर वहीं बैठा था और उसने अचानक मुझ पर हमला कर दिया। उसने मुझे जमीन पर गिरा दिया और मेरा हाथ अपने जबड़ों में दबोच लिया। वह करीब आधे घंटे तक मेरा हाथ पकड़े रहा। जब उसने पकड़ ढीली की तो मैं वहां से भाग निकला। वन अधिकारियों के अनुसार, शेर के चंगुल में फंसने के बाद भी किसान ने हिम्मत नहीं हारी। वह लगातार शांत रहा और शेर की गलती का इंतजार करने लगा। परमार ने बाद में बताया कि उसने कोई हलचल नहीं की और अंदर से डर के बावजूद वह शांत रहा। किसान की असाधारण हिम्मत और सूझ-बूझ से वह जिंदा बच पाया।