नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को GST रिफॉर्म को लेकर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, जो देश के लोगों की जरुरत का है, जो हम देश में ही बना सकते हैं, वो हमें देश में ही बनाना चाहिए। देश की स्वतंत्रता को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली… वैसे ही देश की समृद्धि को भी स्वदेशी के मंत्र से ही शक्ति मिलेगी।
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हम वो सामान खरीदें जो MADE IN INDIA हो… जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो… हमारे देश के बेटे-बेटियों का पसीना हो। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है…हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। देश की स्वतंत्रता को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली… वैसे ही देश की समृद्धि को भी स्वदेशी के मंत्र से ही शक्ति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, जीएसटी दरों में कमी और नीतियों व प्रक्रियाओं के सरलीकरण से हमारे एमएसएमई को काफ़ी फ़ायदा होगा। इन बदलावों से न सिर्फ़ उनकी बिक्री बढ़ेगी, बल्कि उनका कर बोझ भी कम होगा, जिससे दोहरा लाभ होगा। परिणामस्वरूप, मुझे हमारे एमएसएमई के प्रदर्शन और विकास से काफ़ी उम्मीदें हैं। विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना ही होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व हमारे MSMEs पर भी है।
उन्होंने आगे कहा, मैं सभी राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे अपने-अपने राज्यों में विनिर्माण गतिविधियों में तेज़ी लाकर आत्मनिर्भर भारत पहल और स्वदेशी कार्यक्रम का सक्रिय रूप से समर्थन करें। निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। जब राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
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