नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान में संघर्ष विराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसको लेकर लगातार दावे कर रहे हैं। हालांकि, सीजफायर को लेकर अमेरिका की तरफ से किए जा रहे दावे सवालों के घेरे में हैं। जहां ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा सबसे पहले कर मध्यस्थता का दावा किया तो वहीं भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद ही इस पर सहमति बनी। वहीं, अब विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से इसको लेकर निशाना साधा जा रहा है।
पढ़ें :- पश्चिम एशिया में संकट के बीच नायरा एनर्जी ने बढ़ाया पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए कितने रुपये बढ़े दाम
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा कि, कुछ दिन पहले हमें पाकिस्तान के साथ युद्धविराम की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति से मिली थी। अब, कल सऊदी अरब में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने प्रतिबंधों और व्यापारिक सौदों के लालच और धमकी का इस्तेमाल करके भारत को इस युद्धविराम के लिए मजबूर किया और ब्लैकमेल किया।
कुछ दिन पहले हमें पाकिस्तान के साथ युद्धविराम की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति से मिली थी।
अब, कल सऊदी अरब में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने प्रतिबंधों और व्यापारिक सौदों के लालच और धमकी का इस्तेमाल करके भारत को इस युद्धविराम के लिए… pic.twitter.com/7yAnlT5iul
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May 14, 2025
पढ़ें :- अखिलेश बोले: हमारी एक विधायक को गुमराह कर लिया गया, कहां FIR करें, Mou भी पर उठाएं सवाल: कहा मैनें अपने घर में दो चूल्हें बनवा लिये है।
उन्होंने आगे लिखा, इस खुलासे के बारे में आम तौर पर अत्यंत मुखर रहने वाले प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का क्या कहना है? क्या उन्होंने अमेरिकी दबाव के सामने भारत के सुरक्षा हितों को गिरवी रख दिया? अमेरिकी पापा ने वार रुकवा दी क्या?
बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर दावा किया कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने के लिए ‘सफलतापूर्वक एक ऐतिहासिक संघर्षविराम’करवाया। ट्रंप ने सऊदी अरब की राजधानी में सऊदी-अमेरिका निवेश मंच में कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश होगी कि वह दुनिया में शांति और एकता लाने वाले शख्स बनें।