बंगाल चुनाव। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हिस्सा रहे हुमायूं कबीर ने पार्टी की हार पर खुलकर खुशी जताई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो परिणाम सामने आया है, वह होना ही था। मीडिया से बातचीत में कबीर ने ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से भ्रष्टाचार और जनता के साथ धोखा हो रहा था, जिसका जवाब अब जनता ने दे दिया है।
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‘ब्रिटिश राज से ज्यादा लूट’ का आरोप
हुमायूं कबीर ने अपने बयान में कहा कि बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से हालात बने, वह बेहद चिंताजनक थे। उन्होंने कहा, “अंग्रेजों ने जितना 200 साल में नहीं लूटा, उससे कहीं ज्यादा कम समय में राज्य को नुकसान पहुंचाया गया।” उन्होंने जनता को TMC को सत्ता से बाहर करने के लिए बधाई भी दी।
बाबरी मस्जिद बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, कबीर उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। इस बयान ने पूरे राज्य में सियासी माहौल गरमा दिया और धीरे-धीरे यह मुद्दा ध्रुवीकरण का कारण बन गया। शुरुआत में TMC ने इस बयान से दूरी बनाई, लेकिन जब मामला ज्यादा बढ़ा तो पार्टी ने कबीर को बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि तब तक यह मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी असर डाल चुका था।
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TMC से अलग होने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाई और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन किया। हालांकि चुनाव के बीच एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह गठबंधन टूट गया। वीडियो में कबीर पर भाजपा से साठगांठ के आरोप लगे, जिन्हें उन्होंने बाद में सिरे से खारिज करते हुए फर्जी बताया। हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि वह दो सीटों से जीत दर्ज कर चुके हैं।उन्होंने कहा कि दोनों सीटों के सर्टिफिकेट लेने के बाद यह तय किया जाएगा कि वह किस सीट को अपने पास रखेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में इस बार ध्रुवीकरण एक बड़ा फैक्टर बना। हुमायूं कबीर का बाबरी मस्जिद वाला बयान भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है, जिसने चुनावी माहौल को और तीखा कर दिया।