लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, वो लोकतंत्र कैसा जहां जनता के आवाज़ उठाने पर ही पाबंदी लग जाए। मतदाता का अधिकार मारना, जनतंत्र के अधिकार को मारना है। अगर तर्क ये है कि चुनाव आयोग किस-किस को जवाब देगा तो फिर इसी बात को आधार बनाकर कल को यही भाजपा सरकार ‘सूचना के अधिकार’ को भी ख़त्म कर देगी। मतदाता कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
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दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने चुनाव आयोग की एक सिफ़ारिश को लागू किया और इसके बाद विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं। केंद्र सरकार ने चुनाव आचार संहिता में संशोधन करते हुए चुनावी दस्तावेज़ों के एक हिस्से को आम जनता की पहुंच से रोक दिया है।
वो लोकतंत्र कैसा जहाँ जनता के आवाज़ उठाने पर ही पाबंदी लग जाए। मतदाता का अधिकार मारना, जनतंत्र के अधिकार को मारना है।
अगर तर्क ये है कि चुनाव आयोग किस-किस को जवाब देगा तो फिर इसी बात को आधार बनाकर कल को यही भाजपा सरकार ‘सूचना के अधिकार’ को भी ख़त्म कर देगी।
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 24, 2024
भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर सीसीटीवी कैमरा और वेबकास्टिंग फ़ुटेज को सावर्जनिक करने पर रोक लगा दी है। इसको लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल भाजपा सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं।