स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के शहर बहुत गंभीरता के साथ अपनी भागीदारी कर रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान केन्द्र सरकार की सर्वेक्षण टीमें शहरों में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेती हैं। इसमें स्वच्छता की आधारभूत तैयारियों का परीक्षण, खुले में शौच से मुक्ति और मल-जल का निस्तारण (ओडीएफ++ और वॉटर+) कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग (1,3 5 व 7 स्टार रेटिंग) सहित कुल तीन परीक्षण किए जाते हैं।
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अभी प्रदेश में आधारभूत तैयारियों का परीक्षण जारी है, जिसमें 269 शहरों में परीक्षण पूर्ण हो चुका है, शेष शहरों के परीक्षण के लिये टीमें पहुँच रही हैं। इसके बाद ओडीएफ++ और स्टार रेटिंग के परीक्षण शुरू होंगे। मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय वर्ष भर शहरी स्वच्छता को सँवारने में जुटे रहते हैं। प्रदेश में नियमित कचरा संग्रहण, परिवहन और निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है। इससे शहरों की स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ खुले में शौच पर प्रतिबंध को सफल बनाने के बाद शहरों को ओडीएफ़++ और वॉटर+ प्रमाण-पत्र दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।