कई लोग बहुत अधिक नमक खाना पंसद करते है, खाने में नमक पड़ा होने के बावजूद ऊपर से छिड़ककर खाते है। अगर आप भी बहुत अधिक नमक का सेवन करते हैं तो संभल जाय। अधिक नमक खाने से शरीर में कई दिक्कतें होने लगती है, हड्डियों का कमजोर होना, बीपी की समस्या, किडनी की दिक्कतें समेत कई समस्याएं होने लगती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्लू एच ओ ने गाइडलाइन जारी की है। जिसमें कम सोडियम वाले नमक खाने की अपील की है।
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इसमें कहा गया है कि खाने में सामान्य टेबल साल्ट की जगह पोटेशियम युक्त कम सोडियम वाले नमक का इस्तेमाल किया जाए। यह सिफारिश सिर्फ वयस्कों और स्वस्थ व्यक्तियों के लिए की गई है। जबकि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को सामान्य नमक खाने की सलाह दी गई है।
इन्हें कम सोडियम वाला नमक नहीं खाना है. बता दें कि डब्ल्यूएचओ पहले ही सोडियम की खपत को 2 ग्राम प्रतिदिन कम करने की सिफारिश कर चुका हैनमक का इस्तेमाल ना ज्यादा करना चाहिए और ना ही कम। इसे संतुलित मात्रा में लेना चाहिए। डब्लू एच ओ के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन 5 ग्राम नमक खाना चाहिए, लेकिन भारतीय लोग औसतन दस ग्राम नमक डेली खाते हैं। अधिक नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे कई शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।
डब्लू एच ओ की इस सिफारिश को विशेषज्ञों ने सराहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन भारतीय लोगों के लिए अधिक उपयोगी है। क्योंकि भारतीय लोगों में अलग से नमक खाने की आदत है। अधिकतर घरों और रेस्टोरेंट्स में टेबल पर नमक का डिब्बा जरुर रखा नजर आयेगा। ताकि जिसे अधिक नमक खाना हो वो ऊपर से डालकर खा सके।
भोजन करने से पहले भारतीय नमक का अधिक इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में डब्लू एच ओ का यह फैसला भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय लोगों को इसको ध्यान में रखना चाहिए। अधिक नमक शरीर के लिए जहर का काम करता है।
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जरुरत से ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। इससे हार्ट अटैक और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा अधिक नमक का इस्तेमाल व्यक्ति के किडनी, लिवर और खून को भी प्रभावित करता है। अधिक नमक के सेवन से नसों में पानी की मात्रा बढ़ जाती है। इससे कई तरह के रोग हो सकते हैं।