लखनऊ। यूपी (UP) की योगी सरकार (Yogi Government) ने महिलाओं को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में महिलाएं रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी, बशर्ते वे इसके लिए अपनी सहमति दें। यह निर्णय महिलाओं को अधिक रोजगार के अवसर देने और कार्यस्थलों पर समानता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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सरकार के तरफ से जारी नए आदेश के मुताबिक, रात में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को दोगुनी सैलरी (Double Wages) दी जाएगी। साथ ही उन्हें सुरक्षा गार्ड, CCTV निगरानी, और परिवहन सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी ताकि रात में काम करने के दौरान उनकी सुरक्षा बनी रहे।
महिलाएं सप्ताह में छह दिन तक काम कर सकेंगी, जबकि ओवरटाइम की सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है। ओवरटाइम के लिए उन्हें सामान्य वेतन से दोगुनी दर पर भुगतान किया जाएगा।
महिलाओं को मिलेगी नई उड़ान
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने से रोकने के बजाय उन्हें सुरक्षित माहौल में काम करने की सुविधा देना है।
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फैक्ट्री एक्ट में संशोधन से बढ़ेगी लचीलापन
सरकार ने इस फैसले के साथ Factories Act, 1948 में संशोधन किया है ताकि उद्योगों को अधिक लचीलापन मिल सके। नए नियमों के तहत…
अब कार्य के घंटे 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे तक किए जा सकते हैं, बशर्ते हफ्ते में कुल कार्य घंटे 48 से अधिक न हों।
किसी कर्मचारी को बिना अंतराल के 6 घंटे तक काम कराया जा सकता है, ताकि उद्योगों में कार्यप्रवाह बना रहे।
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महिलाओं को ओवरटाइम पर काम करने की अनुमति दी गई है, जिससे उन्हें समान अवसर और समान वेतन का अधिकार मिलेगा।
अब 29 खतरनाक उद्योगों में भी काम कर सकेंगी महिलाएं
सरकार का यह आदेश केवल साधारण उद्योगों तक सीमित नहीं है। यह 29 श्रेणियों के जोखिमपूर्ण (hazardous) उद्योगों पर भी लागू होगा, जहां अब महिलाएं अपनी सहमति से काम कर सकती हैं। इसके लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित विशेष प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
यूपी सरकार का यह कदम राज्य में महिलाओं की रोजगार भागीदारी और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगा। यह फैसला न केवल कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता (Gender Equality) को मज़बूत करेगा बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
यानी अब उत्तर प्रदेश में महिलाएं भी उद्योगों और फैक्ट्रियों में रात की शिफ्ट में पूरी सुरक्षा के साथ काम कर पाएंगी, और साथ ही डबल वेतन और बेहतर सुविधाओं का लाभ पाएंगी. यह बदलाव न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा.