Jinping Meets with Crown Prince of Abu Dhabi : मिडिल ईस्ट में ईरान -इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत हुई। खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग (President Xi Jinping) ने मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति और स्थिरता के लिए चार सूत्रीय प्रस्ताव रखा है। चीन के दौरे पर आए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (Crown Prince Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan) से बैठक के बाद प्रस्ताव रखा।
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न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (peaceful coexistence ) के सिद्धांत का पालन जरूरी है। उन्होंने मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र के लिए साझा, व्यापक और टिकाऊ सुरक्षा ढांचा बनाने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति जिनपिंग ने एक-एक कर इन पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रस्ताव का पहला सिद्धांत शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की प्रतिबद्ध से जुड़ा है। मध्य पूर्व के खाड़ी देश (Middle Eastern Gulf Countries) ऐसे निकट पड़ोसी हैं जिन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। खाड़ी देशों को अपने संबंधों को बेहतर बनाने में समर्थन देना, मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, व्यापक, सहकारी और टिकाऊ सुरक्षा ढांचा (Sustainable Security Framework) तैयार करने की दिशा में काम करना, और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नींव को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि दूसरा, राष्ट्रीय संप्रभुता (National Sovereignty) के सिद्धांत का पालन करना। संप्रभुता सभी देशों, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए, अस्तित्व और समृद्धि का आधार है, और इसका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।
तीसरे में जोर अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर दिया गया। शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत (Principles of International Law) को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि ये इसलिए जरूरी है, ताकि दुनिया फिर से ताकत के बल पर चलने वाली व्यवस्था की ओर न लौटे और दुनिया को जंगल के कानून (अराजकता) की ओर लौटने से रोकना चाहिए।
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चौथा, विकास और सुरक्षा के प्रति संतुलित दृष्टिकोण को अपनाना। सभी पक्षों को खाड़ी देशों के विकास के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाने और उसमें सकारात्मक ऊर्जा लाने की दिशा में काम करना चाहिए।