इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। कहा कि आज हमारे इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की बैठक हुई, जिसमें 25 पार्टियां शामिल हुई। बैठक में सभी ने अपनी-अपनी राय दी ,पांच मुद्दों पर सहमति बनी है।
नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। कहा कि आज हमारे इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की बैठक हुई, जिसमें 25 पार्टियां शामिल हुई। बैठक में सभी ने अपनी-अपनी राय दी ,पांच मुद्दों पर सहमति बनी है। इन पर हम डटकर काम करेंगे, हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। उन्होंने 8 अगस्त को अगली बैठक हैदराबाद में होने का ऐलान करते हुए कहा कि गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की डिमांड करते हुए कहा कि हम आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाते रहेंगे। खड़गे ने नीट पेपर लीक को युवाओं के साथ धोखा बताते हुए कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान भी गठबंधन के लोग मिलेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि पहला बिंदु है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश को SIR को लेकर पत्र भेजने पर सहमति बनी। वोट चोरी और चुनाव चोरी को लेकर पत्र मुख्य न्यायधीश को पत्र दिया जाएगा।
INDIA की बैठक में मेरे शुरुआती वक्तव्य का अंश —
मैं INDIA समूह के नेताओं की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह समूह लगभग ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता, क्योंकि हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं।हमने 17 अप्रैल, 2026 को… pic.twitter.com/sgUB7UjDUg
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 8, 2026
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संविधान पर हमले जारी हैं : मल्लिकार्जुन खड़गे
बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संविधान पर हमले जारी हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। आर्थिक माहौल कमजोर है और निवेश अपेक्षित गति से नहीं आ रहा, जिससे रोजगार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में मिसमैनेजमेंट हुआ, जिससे लाखों युवाओं की उम्मीदों पर असर पड़ा है। 17 अप्रैल 2026 के दिन सभी विपक्षी दलों ने लोकसभा में एकजुट होकर परिसीमन से जुड़े विधेयकों को हराने में भूमिका निभाई थी। इसी एकता को आगे भी मजबूत करने की जरूरत है।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरने की तैयारी
खरगे ने कहा कि बैठक में आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। विपक्ष का कहना है कि बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी ने युवाओं और मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। INDIA ब्लॉक ने तय किया है कि आने वाले महीनों में इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। विपक्षी दलों का मानना है कि यही मुद्दे आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
विदेश नीति और वोटर अधिकारों पर भी उठे सवाल
बैठक में खरगे ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति कमजोर हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति प्रभावित हुई है। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों लोगों को मतदान अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना जरूरी है। गठबंधन ने इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला भी किया है।
विपक्ष अब हर दो महीने में करेगा बड़ी बैठक?
खरगे ने घोषणा की कि INDIA ब्लॉक की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन अब हर दो महीने में बैठक करेगा ताकि सभी दलों के बीच तालमेल मजबूत रहे। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को संविधान संशोधन विधेयक को हराकर विपक्ष ने अपनी एकजुटता साबित की थी। अब उसी एकता को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद के भीतर और बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाई जाएगी।
2029 की लड़ाई की तैयारी शुरू
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इंडिया ब्लॉक अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर चुका है। विपक्षी दल लगातार साझा मुद्दों और संयुक्त अभियानों पर जोर दे रहे हैं। खरगे ने कहा कि जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई अब और आक्रामक तरीके से लड़ी जाएगी।