लखनऊ। यूपी (UP) में अब 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप वैध नहीं माने जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके बाद अब 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप पत्र (Stamp Papers) चलन से बाहर हो जाएंगे। हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पहले खरीदे गए पत्र 31 मार्च तक वापस किए जा सकेंगे या फिर प्रयोग किए जा सकेंगे।
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बैठक में लिए गए कई और महत्वपूर्ण निर्णय
– बैठक में बलिया में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि का निशुल्क हस्तांकरण करने की सहमति दी।
– स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बुलंदशहर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए राजकीय कृषि विद्यालय के नाम दर्ज भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण की सहमति दी।
– सैफई में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 300 बेड के गायनी ब्लॉक के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति देने पर सहमति बन गई।
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– डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड के अंतर्गत लखनऊ में डीटीआईएस की स्थापना के लिए एसपीपी को 0.8 हेक्टेअर भूमि दिए जाने का फैसला हुआ।
– टैक्सफेड समूह के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड, कानपुर की बंद पड़ी कताई मिलों की भूमि के औद्योगिक प्रयोग के लिए यूपीसीडा को निशुल्क हस्तांतरण करने का निर्णय लिया गया।
– हरदोई की तहसील सदर परगना गोपामऊ के ग्राम दही में महर्षि दधीचि कुंड के आसपास पर्यटन विकास के लिए बंजर श्रेणी की शासकीय भूमि को निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
– बैठक में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत गेहूं क्रय नीति को मंजूरी दी गई।
– उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड की आगरा मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम व द्वितीय कॉरिडोर के मेट्रो डिपो के लिए गृहविभाग की भूमि के अवास एवं शहरी नियोजन विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण को सहमति प्रदान की गई।