फतेहपुर: यूपी के फतेहपुर जिले में दिव्यांग दलित परिवार के घर बुलडोजर चलाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। योगी सरकार (Yogi Government) ने बड़ा एक्शन लेते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) अर्चना अग्निहोत्री (SDM Archana Agnihotri) को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में प्रशासन ने दिव्यांग अनिल कुमार का घर गिरा दिया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हंगामा मच गया था। अब मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है।
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प्रमुख सचिव कार्मिक एम. देवराज (Principal Secretary Personnel M. Devraj) ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। इसके लिए लखनऊ मंडल के आयुक्त को जांच अधिकारी नामित किया गया है। दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने पिछले एक साल में प्रशासनिक अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के आरोपों में कई IAS और PCS अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
जानें क्या है आरोप?
आरोप है कि अर्चना अग्निहोत्री ने बेदखली की कार्रवाई से पहले मौके पर जाकर कोई निरीक्षण नहीं किया और अपने कर्तव्यों का पालन ढीला-ढाला तरीके से किया। प्रमुख सचिव कमी के नियुक्ति एम देवराज ने बताया कि शासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन व अपील) नियमावली 1999 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया।
ये है पूरा मामला
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जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 36 मुख्य मार्ग और 52 रास्ता नाम से दर्ज है। गाटा संख्या 36 को गिराने का आदेश तहसीलदार न्यायालय से 2023 में हुआ था। राजस्व टीम ने गाटा संख्या 52 के मुख्य मार्ग के निर्मित हिस्से को गिराया। इसमें पीड़ित परिवार की भूमिधरी पर बना मकान भी चपेट में आ गया। इस मामले पहले ही कानूनगो जितेंद्र सिंह और लेखपाल अराधना देवी को निलंबित किया जा चुका है।
कौन हैं अर्चना अग्निहोत्री?
फतेहपुर की एसडीएम पीसीएस अधिकारी अर्चना अग्निहोत्री 2021 बैच की अफसर हैं। दिल्ली में पली-बढ़ी अर्चना ने अमेरिका में भी शिक्षा ली है और वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत थीं। लेकिन उन्होंने अपने देश की सेवा में लौटने का निर्णय लिया था। अर्चना ने राजनीति में भी कदम रखा और आम आदमी पार्टी से जुड़ीं। हालांकि, उन्होंने पार्टी में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण उससे अलग हो गईं।