नई दिल्ली। यूरोप के कोने में बसा एक छोटा सा देश ‘मोनाको’ इस वक्त दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वेटिकन सिटी के बाद दुनिया के इस दूसरे सबसे छोटे देश का क्षेत्रफल भले ही महज़ 2 वर्ग किलोमीटर हो, लेकिन इसकी रईसी की मिसाल पूरी दुनिया में दी जा रही है। आकार में आपके शहर के किसी एक छोटे से इलाके जैसा दिखने वाला यह देश आज दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर लोगों का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है।
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टैक्स-फ्री कमाई और हाई-टेक सुरक्षा बनी पहली पसंद
मोनाको की कुल आबादी लगभग 39,000 है, जिसमें से 30 प्रतिशत से भी ज़्यादा लोग करोड़पति या अरबपति हैं। सवाल उठता है कि दुनिया भर के रईस अपना घर छोड़कर मोनाको में क्यों बसना चाहते हैं? इसका सीधा और सबसे बड़ा जवाब है— ‘ज़ीरो इनकम टैक्स’।
मोनाको की सरकार अपने नागरिकों और यहाँ रहने वाले विदेशी निवासियों की कमाई पर किसी भी तरह का पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लेती है। यानी आप जितना भी कमाएं, वह पूरा पैसा आपका अपना होता है। इसके अलावा, मोनाको अपनी सख्त कानून व्यवस्था और हाई-टेक सिक्योरिटी के लिए जाना जाता है। यहां अपराध की दर लगभग शून्य के बराबर है, जो इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक बनाती है। सड़कों पर लग्जरी गाड़ियों का मेला और समंदर में तैरते आलीशान यॉट्स अगर आप कभी मोनाको की सड़कों पर जाएंगे, तो आपको लगेगा कि आप किसी अंतर्राष्ट्रीय ऑटो शो में आ गए हैं। फेरारी, लेम्बोर्गिनी, रोल्स रॉयस और बुगाटी जैसी करोड़ों रुपये की सुपरकारें यहां बेहद सामान्य गाड़ियों की तरह चलती दिखती हैं।
समुद्र किनारे खड़े करोड़ों डॉलर के आलीशान यॉट्स (Yachts) यहां के लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा हैं। इसके साथ ही, यहां का ऐतिहासिक ‘मोंटे कार्लो कैसीनो’ और विश्व प्रसिद्ध ‘फॉर्मूला-1 मोनाको ग्रैंड प्रिक्स’ रेस पूरी दुनिया के अमीरों के लिए स्टेटस सिंबल बन चुकी है।
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दुनिया की सबसे महंगी ज़मीन
जहाँ एक फ्लैट की कीमत में आ जाए आलीशान विला मोनाको में ज़मीन बहुत सीमित है, जिसकी वजह से यहाँ की रियल एस्टेट दरें आसमान छू रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मोनाको की ज़मीन इतनी महँगी है कि यहाँ एक छोटे से 1-BHK फ्लैट की कीमत में दुनिया के किसी भी अन्य बड़े और विकसित देश में आलीशान विला खरीदा जा सकता है। जगह की भारी कमी के कारण मोनाको अब समुद्र को सुखाकर कृत्रिम ज़मीन तैयार कर रहा है ताकि नए अपार्टमेंट बनाए जा सकें।
आम इंसान की पहुंच से दूर
पड़ोसी देशों से रोज़ काम पर आते हैं कर्मचारी अत्यधिक महँगाई और भारी खर्चों के कारण मोनाको में किसी साधारण या मध्यमवर्गीय इंसान का रहना लगभग नामुमकिन है। यहाँ काम करने वाले ज़्यादातर आम कर्मचारी पड़ोसी देश फ्रांस या इटली में रहते हैं और रोज़ काम के लिए मोनाको आते-जाते हैं। संक्षेप में कहें तो, मोनाको एक ऐसी जादुई और बेहद महँगी दुनिया है, जहाँ सत्ता, समाज और सरोकार—सब कुछ सिर्फ और सिर्फ पैसा ही तय करता है।
रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा