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जालौन के खेत में चल रही थी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री, ATS की रेड में 5 करोड़ की मेफेड्रोन बरामद; दो गिरफ्तार

By Kalpna Pandey 
Updated Date

Drug Lab Exposed: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नशे के अवैध कारोबार का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। यहां खेतों के बीच एक ऐसी गुप्त लैब संचालित की जा रही थी, जहां बड़े पैमाने पर खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही थीं। बाहर से सामान्य दिखने वाले खेत के अंदर चल रहे इस काले कारोबार की भनक तक स्थानीय स्तर पर नहीं लगने की बात सामने आई है।

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जानकारी के मुताबिक, जालौन के उरई इलाके में एक खेत के अंदर मेफेड्रोन बनाने की लैब चलाई जा रही थी। इस गुप्त ठिकाने पर DRI और ATS की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये कीमत की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद होने की जानकारी सामने आई है। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस लैब में महज तीन दिनों के भीतर करीब 20 किलो मेफेड्रोन तैयार की जाती थी। बाजार में इसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। यानी खेत के अंदर चल रही इस अवैध फैक्ट्री से नशे का करोड़ों रुपये का कारोबार संचालित होने की आशंका है।

सबसे चौंकाने वाली बात इस नेटवर्क का कथित सप्लाई कनेक्शन है। बताया जा रहा है कि उरई में तैयार होने वाली मेफेड्रोन की सप्लाई दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक की जाती थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि इस कारोबार के पीछे केवल दो लोग नहीं, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

संयुक्त कार्रवाई के दौरान संतोष और हेमेंद्र कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आता था, इसकी सप्लाई किन लोगों तक होती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

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वहीं, खेत में लंबे समय से चल रही इस कथित ड्रग्स लैब को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर इतने बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों का निर्माण होता रहा और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? फिलहाल, जांच एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही पूरे नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।

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