Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. खेल जगत को बड़ा झटका, तीन बार के एशियन पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव ने अपने फ्लैट में की आत्महत्या, कारण स्पष्ट नहीं

खेल जगत को बड़ा झटका, तीन बार के एशियन पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव ने अपने फ्लैट में की आत्महत्या, कारण स्पष्ट नहीं

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। यूपी के रहने वाले और तीन बार एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) में भाला फेंक के चैंपियन रहे नीरज यादव (Neeraj Yadav) का मंगलवार को निधन हो गया। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स (National Para Athletics) के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण (Head Coach S. Satyanarayan) ने न्यूज एजेंसी से इसकी पुष्टि की। नीरज भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।

पढ़ें :- Rajya Sabha Bypoll : मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को भाजपा ने बनाया उम्मीदवार, जानें किस वजह से खाली हुई थी सीट

मुख्य कोच ने की निधन की पुष्टि

कोच सत्यनारायण के मुताबिक, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की। हालांकि, इस कदम के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, ‘हां, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। उनके इस कदम के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।’

2018 में एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता था स्वर्ण

नीरज ने 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता (Delhi State Athletics Competition) में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे। इसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय पैरा एथलेटिक्स (Indian Para Athletics) में पहचान बनानी शुरू की। 2018 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स (Asian Para Games) में नीरज ने पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

पढ़ें :- 8 महीने की गर्भवती बहू मायके जाने की कर रही थी जिद, गुस्से में ससुर ने पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

इसके बाद चीन के हांगझोउ में अक्तूबर 2023 में आयोजित एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) में उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने एफ54/55/56 वर्ग में चक्का फेंक और पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। 2022 में मोरक्को के माराकेच में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड (New Indian National Record)बनाया था।

व्हीलचेयर टेनिस से शुरू हुआ था सफर

नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो का पता चला था और व्हीलचेयर उनके जीवन का हिस्सा बन गई। उन्होंने करीब सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद 2015 में एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया था। 2016 में फाजा ग्रां प्री में उन्होंने पुरुषों की एफ55 गोला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे। नीरज की उपलब्धियां उनके लंबे खेल सफर और मेहनत की गवाही देती हैं। उनके निधन की खबर से भारतीय पैरा खेल जगत को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल, उनके इस कदम के पीछे की वजह सामने नहीं आई है।

Advertisement