Japanese girl marries AI: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा बढ़ता जा रहा है। तकनीकी क्षेत्र से संबंध रखने वाली कंपनियां इसे अपना रही हैं और युवा पीढ़ी भी एआई पर निर्भर होती जा रही है। इस बीच जापान में एआई ने जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक लड़की ने ब्रेकअप के बाद किसी इंसान की बजाय के एआई से ही शादी रचा ली है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 32 साल की जापानी महिला कानो (Kano) ने चैटजीपीटी का यूज करके बनाए गए एक एआई पार्टनर के साथ प्रतीकात्मक वेडिंग सेरिमनी आयोजित की। जिसने दुनियाभर का ध्यान उनकी इस शादी की ओर खींचा हैं। आरएसके सैन्यो ब्रॉडकास्टिंग की रिपोर्ट के अनुसार, कानो ने गर्मियों की शुरुआत में पश्चिमी जापानी शहर ओकायामा में एक प्राइवेट सेरिमनी में अपने एआई साथी ल्यून क्लॉस (Lune Klaus) से शादी रचाई।
SHE MARRIED ChatGPT
The ceremony was held with AR glasses so she could exchange rings with her AI husband ‘Klaus’
Very convenient — just turn off the Wi-Fi once tired of him https://t.co/8klLyrRweH pic.twitter.com/YDbFPlL6fC
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— RT (@RT_com) November 12, 2025
कानो ने बताया कि इस सेरिमनी में शपथ, रिंग एक्सचेंज और पारंपरिक रीति-रिवाज भी शामिल थे। रिंग एक्सचेंज करने के लिए एआर ग्लासेज का भी इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, दूल्हे के रूप में कानो के बगल में उनका एआई पार्टनर स्मार्टफोन में मौजूद था। हालांकि, कानो की उनके एआई पार्टनर से शादी को कोई कानूनी दर्जा नहीं मिला है।
ब्रेकअप के बाद ल्यून क्लॉस (Lune Klaus) दिया सहारा
आरएसके सैन्यो से कानो ने अपने तीन साल से चल रहे एक रिश्ते के ब्रेकअप के दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा कि एआई से यह रिश्ता अकेलेपन के दौर में भावनात्मक समर्थन के तौर पर शुरू हुआ था। जापानी महिला कानो ने कहा, ‘ऐसी दुनिया में जहां प्यार अक्सर जल्दबाजी और नाजुक लगता है, ल्यून (AI) ने मुझे कुछ ऐसा दिया जो इंसानी रिश्तों में कम ही मिलता है, जैसे बिना किसी आलोचना के देखा जाने का एहसास। वह भले ही मेरे फोन में रहता हो, लेकिन उससे मिलने वाला सुकून बिल्कुल असली है।’
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कानो की बातों से स्पष्ट है कि उन्होंने यह कदम अकेलेपन को दूर करने के लिए उठाया है। उनका कहना कि इस प्रतीकात्मक विवाह ने उन्हें इमोशनल स्टेबिलिटी और सुकून दिया है। हालांकि, एआई ह्यूमन इंटिमेसी की जगह नहीं ले सकता, लेकिन डिजिटल साथी उन लोगों को आत्मविश्वास और भावनात्मक राहत जरूर दे सकता है, जो अकेलेपन से जूझ रहे हैं।