नई दिल्ली। सोशल मीडिया की बहस में ब्राह्मणों पर अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद चौतरफा घिरे अनुराग कश्यप ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि, गुस्से में अपनी मर्यादा भूलकर पूरे ब्राह्मण समाज को बुरा बोल डाला, मैं माफी मांगता हूं। अब आगे से ऐसा न हो, मैं उस पर काम करूंगा। अपने गुस्से पर काम करूंगा।
पढ़ें :- UP Board Results 2026 : योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक, परीक्षार्थी सबसे पहले इस साइट पर देख सकेंगे रिजल्ट
अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखकर माफी मांगी है। उन्होंने लिखा कि, मैं गुस्से में किसी को एक जवाब देने में अपनी मर्यादा भूल गया। और पूरे ब्राह्मण समाज को बुरा बोल डाला। वो समाज जिसके तमाम लोग मेरी जिंदगी में रहे हैं, आज भी हैं और बहुत कॉन्ट्रीब्यूट करते हैं। आज वो सब मुझसे आहत हैं। मेरा परिवार मुझसे आहत है। बहुत सारे बुद्धिजीवी, जिनकी मैं इज्जत करता हूं मेरे उस गुस्से में, मेरे बोलने के तरीके से आहत हैं।
मैं गुस्से में किसी को एक जवाब देने में अपनी मर्यादा भूल गया। और पूरे ब्राह्मण समाज को बुरा बोल डाला। वो समाज जिसके तमाम लोग मेरी जिंदगी में रहे हैं, आज भी हैं और बहुत कॉन्ट्रीब्यूट करते हैं। आज वो सब मुझसे आहत हैं। मेरा परिवार मुझसे आहत है। बहुत सारे बुद्धिजीवी, जिनकी मैं इज्जत…
— Anurag Kashyap (@anuragkashyap72) April 22, 2025
पढ़ें :- UP Home Guard Exam : होमगार्ड परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक, एडमिट कार्ड डाउनलोड होने हुए शुरू
साथ ही आगे लिखा, मैंने खुद ही ऐसी बात करके, अपनी ही बात को मुद्दे से भटका दिया। मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं, इस समाज से जिनको मैं ये नहीं कहना चाह रहा था, लेकिन आवेश में किसी की घटिया टिप्पणी का जवाब देते हुए लिख दिया।
मैं माफी मांगता हूं अपने उन तमाम सहयोगी दोस्तों से, अपने परिवार से और उस समाज से, अपने बोलने के तरीके के लिए, अभद्र भाषा के लिए। अब आगे से ऐसा न हो, मैं उस पर काम करूंगा। अपने गुस्से पर काम करूंगा। और मुद्दे की बात अगर करनी हो तो सही शब्दों का इस्तेमाल करूंगा। आशा है आप मुझे माफ कर देंगे।
बता दें कि, अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के लिए विवादित टिप्पणी की थी। अनुराग कश्यप के कमेंट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और ब्राह्मण समाज ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दिया। कई शहरों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं और उनके विरोध में पुतले तक जलाए गए।