जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिस और सेना के बीच गंभीर विवाद का मामला देखने को मिला है। वहां की पुलिस ने एक कमांडिंग अधिकारी के साथ—साथ भारतीय सेना के बहुत से जवानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सेना के जवानों पर आरोप है कि उनलोगों ने पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट कर सरकारी संपत्ति का नुकसान किया है।
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आपको बता दे कि यह मामला अठोली पुलिस स्टेशन का है। यहां दर्ज एफआइआर के मुताबिक यह घटना बुधवार को हुई थी। उस समय थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमृत कटोच एक बैठक में शामिल होने गए थे। वह बैठक जिला उपायुक्त द्वारा पाडर ब्लाक विकास अधिकारी के दफ्तर में की गई थी। इस शिकायत में एसएचओ ने बताया कि जब यह घटना हुई थी तो मौके पर मौजूद जवान लाठी, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से लैस थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह हमला सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह कार्रवाई 17 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर एन अरुण गांधी के कहने पर हुई। इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब 30 से 40 जवान थे। जिनका नेतृत्व मेजर विकास शर्मा और नायब सूबेदार शंकर गुर्खे कर रहे थे। उनलोगों ने पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार को लांघकर अंदर प्रवेश किया।
एफआइआर में लिखा गया है कि हमलावरों का मकसद पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट पहुंचाने के साथ उनकी हत्या भी करना था। जब एसएचो अमृत कटोच वापस पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट कर उनकी वर्दी फाड़ दी गई। इस घटना में एसडीपीओ विजय कुमार भगत के साथ भी मारपीट का आरोप है, जो मौके पर आए थे। इसके अलावा, विशेष पुलिस अधिकारी सुरेश कुमार को सर्विस राइफल के बट से गर्दन पर चोट लग गई, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हांलाकि इस घटना को लेकर सुरक्षा बलों और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव बनी हुई है।