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China created unbreakable crystal : चीन ने बनाया कभी न टूटने वाला क्रिस्टल, जानें कहां इस्तेमाल किया जाएगा

प्रकृति के नियमों से आगे निकलने की चाह में चीन के वैज्ञानिकों ने कभी न टूटने वाला क्रिस्टल तैयार किया है। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्रिस्टस तैयार किया है, जिसे हथौड़े की जोरदार चोट से भी नहीं तोड़ा जा सकता। इसे हीरा की रिपलेस्मेंट के रूप में देखा जा रहा है।

By अनूप कुमार 
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China created unbreakable crystal :  प्रकृति के नियमों से आगे निकलने की चाह में चीन के वैज्ञानिकों ने कभी न टूटने वाला क्रिस्टल तैयार किया है। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्रिस्टस तैयार किया है, जिसे हथौड़े की जोरदार चोट से भी नहीं तोड़ा जा सकता। इसे हीरा की रिपलेस्मेंट के रूप में देखा जा रहा है। चाइनीज़ एकेडमी ऑफ़ साइंसेज़ के इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़िज़िक्स और बेइहांग यूनिवर्सिटी के चीनी वैज्ञानिकों ने एक मज़बूत New Diamond Composite बनाया है, जो भारी हथौड़े की चोट से भी नहीं टूटता। अंदरूनी सपोर्ट स्ट्रक्चर के तौर पर Carbon nanotubes को शामिल करके, उन्होंने हीरे की मज़बूती को छह गुना बढ़ा दिया, जबकि उसकी अत्यधिक कठोरता को भी बनाए रखा।

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लैब टेस्ट में इस नए पदार्थ की कठोरता करीब 91.6 GPa मापी गई, जो सामान्य डायमंड की होती हैै। वहीं इसकी टफनेस करीब 36.4 MPa·m¹/² तक पहुंची। साइंटिस्टों के मुताबिक, यह सामान्य डायमंड की तुलना में करीब पांच से छह गुना सुधार है। यानी आसान भाषा में कहें तो वैज्ञानिकों ने हीरे की सबसे बड़ी खूबी यानी उसकी कठोरता को बनाए रखते हुए उसकी सबसे बड़ी कमजोरी को काफी हद तक कम करने की कोशिश की है।

इसका उपयोग बेहद मजबूत कटिंग और पॉलिशिंग टूल्स, धातु और सिरेमिक की मशीनिंग, जियोलॉजिकल ड्रिल बिट्स और यहां तक कि एयरोस्पेस कंपोनेंट्स में किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने इस नए डायमंड को मजबूत बनाने के लिए मल्टी-वॉल्ड कार्बन नैनोट्यूब यानी एमडब्ल्यूसीएनटी’ज MWCNTs का किया। ये बेहद पतले लेकि मजबूत कार्बन फाइबर जैसे ढांचे होते हैंं। इनकी मोटाई इंसान के बाल की चौड़ाई के लगभग 10 हजार वें हिस्से के बराबर हो सकती है, जबकि ये स्टील से कई गुना ज्यादा मजबूत होते है।

साइंटिस्टों ने इन Carbon nanotubes को बेहद बारीक Diamond powder के साथ मिलाया। इसके बाद इस मिक्सचर को करीब 2000 डिग्री सेल्सियस तापमान और 15 गीगापास्कल दबाव में रखा गया। यह दबाव सामान्य वायुमंडलीय दबाव से करीब 1.5 लाख गुना ज्यादा हेेेेेेंं।

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इस प्रक्रिया के दौरान नैनोट्यूब्स ने अपना फाइबर जैसा ढांचा बनाए रखा और डायमंड के साथ बेहद मजबूत कैमिकल बांड बना लिये।

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