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Ayodhya : हल्की बारिश में टपकने लगी राम मंदिर की छत, करोड़ों की लागत से बना रामपथ जगह-जगह धंसा, ओवरफ्लो नाले का पानी शॉप में घुसा

By santosh singh 
Updated Date

अयोध्या। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान आनन-फानन में बने रामपथ पर दिन रात निर्माण का कार्य चलता रहता है। रामपथ की बनावट पर लोगों ने पहले ही सवाल उठाया था। बरसात में इससे होने वाली मुसीबत की ओर ध्यानाकर्षण भी कराया था, लेकिन तब अति आत्मविश्वास एवं निर्माण की जल्दी में लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया था। इस जल्दबाजी का दुष्परिणाम पहली बरसात में ही जगह-जगह धंसे रामपथ और जलभराव के रूप में सामने आ गया है। अयोध्या में रामपथ के बगल स्थित स्वीट्स शॉप में बारिश से ओवरफ्लो हुए नाले का पानी घुस गया। दुकानदार की मानें तो उसको करीब 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

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20 स्थानों पर धंसा नवनिर्मित रामपथ

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राम मंदिर के उद्घाटन से पहले ही बनकर तैयार हुआ रामपथ पहली ही बारिश में कई जगह धंस गया। रामनगरी के प्रवेश द्वार सआदतगंज से लेकर नयाघाट के बीच करोड़ों की लागत से नवनिर्मित रामपथ प्री-मानसून बरसात भी नहीं झेल सका। यह जगह-जगह पर धंस गया है और इसके किनारे जलभराव भी हो गया है। नविनर्मित रामपथ एक-दो नहीं 20 स्थानों पर धंस गया। सड़क और मिट्टी बैठने से नई डाली गई सीवर लाइन की पाइप जगह-जगह सामने आ गई। हालांकि गिट्टी की भराई करके यातायात सामान्य कर दिया गया। सहादतगंज से नया घाट तक रामपथ 12.94 किमी लंबा है। यह लगभग पौने आठ सौ करोड़ की लागत से बना है। रात की बारिश में 20 स्थानों पर यह धंस गया। सीवर चैबर वाले स्थानी पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे। शहर के मुख्य सड़क से गली के मार्गों में बिछाई गई सीवर लाइन की दुर्दशा भी सामने आ गई।

राम मंदिर  में सुबह 4 बजे और 6 बजे होने वाली आरती टॉर्च की रोशनी में करनी पड़ी : सत्‍येंद्र दास

अयोध्‍या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्‍ठा हुए फिलहाल कुछ ही महीने बीते होंगे और मंदिर की छत पहली ही बारिश में टपकने लगी है। अब यह समस्‍या इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्‍योंकि छत टपकने की बात मंदिर के किसी और दुसरे हिस्‍से की नहीं बल्कि गर्भ गृह की ही है, जहां रामलला की भव्य मूर्ति विराजमान है। इस गंभीर मामले को खुद राम मंदिर के मुख्‍य पुजारी सत्‍येंद्र दास ने सामने लाया है। उन्‍होंने बीते सोमवार को कहा कि, ‘गर्भगृह में, जहां रामलला विराजमान हैं, वहां भी पानी भर चुका है। ऐसे में कहीं बिजली का करंट न उतर आए इसलिए सुबह 4 बजे और 6 बजे होने वाली आरती टॉर्च की रोशनी में करनी पड़ी। अगर एक-दो दिन में इंतजाम नहीं हुआ, तो दर्शन और पूजन की व्यवस्था बंद करनी पड़ेगी।’ अब यदि इस स्थिति को तुरंत ठीक नहीं किया गया तो आने वाले बारिश के मौसम में रामलला की पूजा-अर्चना करने तक में भी मुश्किल आ सकती है।
अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि रामपथ के नाम भ्रष्टाचार हुआ : सांसद अवधेश प्रसाद

फैजाबाद लोकसभा सीट (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि रामपथ का स्वागत करते हैं। अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि रामपथ के नाम भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि अभी तो हल्की बारिश हुई है।  लोगों के घरों में पानी भर गया है। रामपथ के निमार्ण में सारे लोगों से सहयोग किया था। आगे देखिए जब भारी बारिश होगी तो रामपथ लोगों के लिए खतरनाक बन जाएगा। इस भ्रष्टाचार पर सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग करेंगे।

मानसून के पहले की बारिश ने रामनगरी के विकास की खोली पोल

मानसून के पहले की बारिश ने रामनगरी के विकास की खोली पोल। 13 किलोमीटर लंबे रामपथ में जगह-जगह सड़कें धंसी। अयोध्या के विकास को आइना दिखाती तस्वीर सामने आयी। कार्यदायी संस्था के साथ जिम्मेदार हुए मौन। बारिश के बाद कई स्थलों पर राम पथ धंस गई। सड़क पर हो गए गहरे गड्ढे। हजारों करोड़ रुपए से अयोध्या का विकास हुआ है । मुख्यमंत्री के प्रयास से अयोध्या को विश्व के मानचित्र पर नई पहचान मिली है । जिम्मेदारों ने अयोध्या का खोखला विकास किया , बारिश के मौसम के पहले की बरसात ने विकास के दावों की खोली पोल दी।

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