Basant Panchami Abuz Muhurt 2025 : हिंदू धर्म में मुहूर्त देख कर शुभ कार्य किए जाते है। मान्यता कि शुभ मुहूर्त में आरंभ किया गया शुभ कार्य अक्षय फल प्रदान करता है। हालांकि वर्ष में कुछ ऐसे दिन होते हैं जिन्हें अत्यंत शुभ माना जाता है और उस दिन बगैर मुहूर्त पर विचार किए शुभ व मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है इसलिए इस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। साथ ही, बसंत पंचमी के दिन स्कूल और कॉलेजों में सरस्वती पूजा की जाती है।
पढ़ें :- BMW 7 Series and i7 : BMW 7 सीरीज और i7 की बुकिंग शुरू , जानें फीचर्स और खूबियां
खरमास
इसी प्रकार खरमास की अवधि में शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। खरमास 15 मार्च से लग जाएगा। इसके चलते फिर एक माह तक विवाह व अन्य शुभ कार्य नहीं होंगे। वसंत पंचमी के अबूझ मुहूर्त पर तीन फरवरी को विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, उपनयन व अन्य शुभ कार्य होंगे।
माघ माह में शुक्ल पांचवी तिथि
हर वर्ष माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है। यह दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस बंसत ऋतु की शुरुआत भी माना जाता है। इस वर्ष माघ माह में शुक्ल पांचवी तिथि 2 फरवरी रविवार को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर हो रही है और तिथि का समापन अगले दिन 3 फरवरी सोमवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। देशभर में 2 फरवरी रविवार को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा।
सिद्ध योग साध्य योग
माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर शनि देव सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे। इस दिन शिव योग, सिद्ध योग साध्य योग और रवि योग बन रहे हैं।