Basant Panchami Mantra 2025 : ‘विद्या ददाति विनयम’ यह वाक्य सदियों से विद्यार्थियों को बताया जा रहा है। विद्या को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का सर्वोत्म साधन माना गया है। विद्या की देवी मां सरस्वती है। वैदिक काल से ही मां सरस्वती की पूजा होती आ रही है। विद्या , वाणी में कौशल प्राप्त करने के लिए देवी सरस्वती पूजा बहुत आवश्यक है। बसंत पंचमी का दिन विद्यार्थियों के लिए बहुत शुभ है। बसंत पंचमी के दिन कॉपी किताबों का पूजन करें और बच्चे के हाथ से अक्षर बनवाएं। इससे बच्चा कुशाग्र बुद्धि का बनता है।
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वैदिक पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी की सही तिथि 03 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। जोतिष शास्त्र के अनुसार 02 फरवरी को सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर पंचमी तिथि का शुभारंभ होगा वहीं 03 फरवरी को सुबह 09 बजकर 36 मिनट पर समापन होगा। उदय तिथि के अनुसार 03 फरवरी को बंसत पंचमी मनाई जाएगी।
इन वैदिक मंत्रों का भी करें जाप
ॐ सरस्वत्यै नमः
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ ऐं नमः
ॐ ऐं क्लीं सौः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम्कारी, वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा.
सरस्वती पुराणोक्त मन्त्र – या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
सरस्वती गायत्री मन्त्र – ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्
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महासरस्वती मन्त्र – ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः
सरस्वती दशाक्षर मन्त्र – वद वद वाग्वादिनी स्वाहा
सरस्वती एकाक्षर बीज मन्त्र – ऐं
सरस्वती द्व्यक्षर मन्त्र – ऐं लृं
सरस्वती त्र्याक्षर मन्त्र – ऐं रुं स्वों