पटना। बिहार में नीट परीक्षा का रिजल्ट (NEET Exam Result) आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है। अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक (Paper Leak) हुआ है और धांधली हुई है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक मामला पहुंचा है। इस बीच पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की है। इनमें से एक नाम सिकंदर यादवेंदु (Sikandar Yadavendu) का है।
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जो नीट परीक्षा (NEET Exam) मामले के सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। खबर आई है कि गिरफ्तार सिकंदर को सस्पेंड कर दिया गया है। सिकंदर दानापुर में नगर आवास विभाग (Municipal Housing Department) में पदस्थापित था जिसे पहले उसके मूल विभाग जलसंसाधन (Water Resources) भेजा गया फिर उसे जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) में सस्पेंड कर दिया है।
जानिए कौन है सिकंदर यादवेंदु?
सिकंदर यादवेंदु इस पूरे मामले का किंगपिन यानी कि सरगना बताया जा रहा है। वो बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। हालांकि ये पहला घोटाला नहीं है जिसमें वो पकड़ा जा चुका है। वो ऐसे ही एक दूसरे घोटाले के मामले में जेल भी जा चुका है। दरअसल सिकंदर 3 करोड़ के एलईडी घोटाले (LED Scam) का आरोपी था। इसी मामले में वो जेल भी जा चुका है।
सिकंदर पहले रांची में ठेकेदारी का काम करता था। साल 2012 में उसने बिहार SSC परीक्षा पास की और जूनियर इंजीनियर बन गया। उसका बेटा और बेटी दोनों एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे हैं। उसका दामाद एमबीबीएस (MBBS) के बाद पीजी कर रहा है।
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आरोपियों का कबूलनामा
आरोपियों ने कबूल किया है कि 5 मई को परीक्षा थी और पेपर चार मई को ही लीक हो गया था। अभ्यर्थियों से 30 से 32 लाख रुपये लिए गए थे। पटना इकनॉमिक ऑफेंसेस यूनिट (EOU) ने जो 6 पोस्ट डेटेड चेक बरामद किए हैं, ये सभी माफियाओं के नाम जारी किए गए थे। अब ईओयू अकाउंट होल्डर्स के बारे में जानकारी जुटा रही है। अब तक बिहार में नीट पेपर लीक मामले (NEET Paper Leak Case) को लेकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें 5 नीट यूजी के अभ्यर्थी हैं।