लखनऊ। राजधानी लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। नगर निगम, पुलिस व जिला प्रशासन की टीमों ने सुबह से ही इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान दौरान जमकर हंगामा हुआ और वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इसको लेकर अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान आया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक वकील की वीडियो को भी शेयर किया है।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, प्रिय अधिवक्तागण, लखनऊ में वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना उनके चैंबर तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज करना घोर आपत्तिजनक और घोर निंदनीय है। अधिवक्ता ही जब अन्याय का शिकार होंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा?
प्रिय अधिवक्तागण,
लखनऊ में वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना उनके चैंबर तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज करना घोर आपत्तिजनक और घोर निंदनीय है।
अधिवक्ता ही जब अन्याय का शिकार होंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा?
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भाजपा में शामिल हो रहे भ्रष्टाचारियों को… pic.twitter.com/fvnEPJb3oL
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 17, 2026
भाजपा में शामिल हो रहे भ्रष्टाचारियों को छोड़कर सब कुछ अवैध ही है क्या? अब उप्र के वकील मिलकर भाजपाइयों और उनके अन-रजिस्टर्ड संगी-साथियों के घर, दुकानों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों के नक्शे निकलवाकर उनके वैध-अवैध होने का प्रमाण ढूँढेंगे और अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए याचिका दाख़िल करेंगे।
उनहोंने आगे लिखा, जिन अधिवक्ताओं ने आज़ादी की लड़ाई में दुनिया की सबसे बड़ी औपनिवेशिक ताक़त को हराकर भगा दिया था, वो उस औपनिवेशिक ताक़त के मुख़बिरों से क्या डरेंगे। अधिवक्ताओं की एकता और एकजुटता इन भ्रष्ट भाजपाइयों को भी हराएगी और हमेशा के लिए हटाएगी। हम अपील करते हैं कि लाठीचार्ज में घायल हुए वकीलों का निशुल्क उपचार कराया जाए एवं उनके काम की क्षति के लिए मुआवज़ा भी दिया जाए।