महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, न्याय, गरिमा तथा उन्हें समान अवसर सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज के समय में राज्य महिला आयोगों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य महिला आयोग केवल शिकायतों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, संवेदनशीलता और न्याय की सशक्त कड़ी हैं।
श्रीनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा श्रीनगर में तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस में शामिल उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, न्याय, गरिमा तथा उन्हें समान अवसर सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
डॉ. प्रियंका मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, देशभर से आईं राज्य महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों एवं सदस्य सचिवों के साथ महिला अधिकारों, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित “शक्ति संवाद” कार्यक्रम के प्रथम दिवस में उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, न्याय, गरिमा तथा उन्हें समान अवसर सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज के समय में राज्य महिला आयोगों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य महिला आयोग केवल शिकायतों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, संवेदनशीलता और न्याय की सशक्त कड़ी हैं। जब कोई पीड़ित महिला आयोग तक पहुंचती है, तो वह केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि संवेदना, भरोसा और यह विश्वास भी चाहती है कि व्यवस्था उसके साथ मजबूती से खड़ी है।
📍श्रीनगर
देशभर से आई राज्य महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों एवं सदस्य सचिवों के साथ महिला अधिकारों, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित “शक्ति संवाद” कार्यक्रम के प्रथम दिवस में उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, न्याय,… pic.twitter.com/U8Pdmr2ilX
— Dr. Priyanka Maurya (@dpriyankamaurya) May 17, 2026
उन्होंने आगे लिखा, “शक्ति संवाद” इसी विचार का विस्तार है—महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल। इस मंच के माध्यम से विभिन्न राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान होगा, नई सीख मिलेगी और महिला हितों से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने का अवसर प्राप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु निरंतर समर्पित रहना ही हम सभी का दायित्व है।