Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. रोमन कैथोलिक चर्च के 2000 साल के इतिहास में पहली बार अमेरिकी कार्डिनल चुना गया पोप, पीएम मोदी व राहुल गांधी ने दी बधाई

रोमन कैथोलिक चर्च के 2000 साल के इतिहास में पहली बार अमेरिकी कार्डिनल चुना गया पोप, पीएम मोदी व राहुल गांधी ने दी बधाई

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिकी धर्मगुरु रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्त (Cardinal Robert Francis Prevost) को गुरुवार को नया पोप चुन लिया गया है। वो अमेरिका से पोप बनने वाले पहले कार्डिनल हैं। दो दिनों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद प्रीवोस्ट को पोप लियो XIV के रूप में चुना गया है। नए पोप चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बधाई दी है। वेटिकन सिटी (Vatican City) में 8 मई को सिस्टिन चैपल से सफेद धुआं उठता दिखा और सेंट पीटर्स की घंटिया बज उठी। ये संकेत था कि रोमन कैथोलिक चर्च (Roman Catholic Church) के कार्डिनल्स ने अपना नया पोप चुन लिया है। शिकागो में जन्मे रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट (Robert Francis Prevost) नए पोप चुने गए हैं। प्रीवोस्ट को अब पोप लियो चौदहवें (XIV) के नाम से जाना जाएगा।

पढ़ें :- फ्लू और स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट हुई यूपी सरकार: डिप्टी सीएम ने बुलाई बैठक, दवाओं के साथ अलग से ओपीडी चलाने के निर्देश

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मैं भारत के लोगों की ओर से परम पावन पोप लियो XIV को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। कैथोलिक चर्च का उनका नेतृत्व शांति, सद्भाव, एकजुटता और सेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए बहूत महत्वपूर्ण क्षण में आया है। भारत हमारे साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए होली सी के साथ निरंतर संवाद और जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है।

पढ़ें :- विकास लोगों के जीवन में महसूस होना चाहिए : राजनाथ सिंह

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कार्डिनल रॉबर्ट प्रीवोस्ट को बधाई दी, जो कैथोलिक चर्च के 2,000 साल के इतिहास में बृहस्पतिवार को पोप चुने गए पहले अमेरिकी हैं।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,कि पोप लियो 14‍‍‍‍ के रूप में चुने जाने के लिए कार्डिनल रॉबर्ट प्रीवोस्ट को बधाई। उनके नेतृत्व में शांति, करुणा व मानवता की सेवा को बढ़ावा मिलने की कामना करता हूं। खुशी के इस अवसर पर वैश्विक कैथोलिक समुदाय को मेरी ओर से शुभकामनाएं। प्रीवोस्ट (69) ने एक मिशनरी के तौर पर पेरू में अपनी सेवाएं दीं और वेटिकन के बिशप के शक्तिशाली कार्यालय का नेतृत्व किया। उन्होंने अपना नाम लियो 14 रखा है।

पढ़ें :- चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और संतोष कुमार सुमन से मांगा इस्तीफा, NDA में दलित आरक्षण पर बढ़ा बवाल
Advertisement