Chaitra Navratri 2024 Kanya Pujan : नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नवरात्रि में कन्याओं की पूजा करते हैं उनके घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। ज्योतिषियों के अनुसार, नवरात्रि में कन्या पूजन और भोजन कराना बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि नवरात्रि के 9 दिन पूरे होने के बाद कन्याओं का पूजन करने का विधान होता है। कन्या पूजन के समय कन्याओं को भोजन कराया जाता है, इसके बाद उन्हें सामर्थ्य के अनुसार दान किया जाता है। कन्या पूजन में नौ बालिकाओं के साथ दो बालकों को भी पूजा जाता है। बालकों को भगवान गणेश और भैरव बाबा का रूप माना जाता है
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नवरात्रि व्रत का पारण
अष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजा करना चाहिए। इस साल आप दुर्गा अष्टमी 16 अप्रैल और महानवमी 17 अप्रैल को कन्या पूजा कर सकते हैं। इस बार 17 अप्रैल को महानवमी है और उस दिन राम नवमी के साथ नवरात्रि व्रत का पारण भी है।
कन्या पूजन के नियम
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि के दिन कन्याओं की पूजन करने से पहले सभी कन्याओं को प्यार से आमंत्रित करें। उसके बाद कन्याओं को घर में प्रवेश कराते समय उनके पैर धुलें और आसन बिछाकर बैठाएं। आसन पर बैठाकर उनके माथे पर अक्षत, फूल और कुमकुम लगाए। उसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करें और सभी कन्याओं को भोजन कराएं।
कन्याओं को मीठा भोजन कराना चाहिए
कन्याओं को पवित्रता के साथ बनी पूरी, सब्जी, मीठा भोजन कराना चाहिए। भोजन कराने के बाद अपनी शक्ति अनुसार दक्षिणा दें। साथ ही उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और मां का ध्यान करें।