1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. BadaMangal 2026 : बचपन में जब ऋषियों ने दिया हुनुमान जी को श्राप, जानें- कैसे मिली श्राप से मुक्ति

BadaMangal 2026 : बचपन में जब ऋषियों ने दिया हुनुमान जी को श्राप, जानें- कैसे मिली श्राप से मुक्ति

युगों- युगों से ज्येष्ठ माह में हनुमान जी विशेष पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन हनुमान जी पूजा और भंडारे का अयोजन किया जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

BadaMangal 2026 : युगों- युगों से ज्येष्ठ माह में हनुमान जी विशेष पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन हनुमान जी पूजा और भंडारे का अयोजन किया जाता है।

पढ़ें :- भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद बसाई थी द्वारका नगरी,उनके प्रपौत्र वज्रनाभ ने करवाया था द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण

ऋषियों ने दिया था श्राप
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार , बचपन में अत्यधिक शरारती होने के कारण हनुमान जी को भृगुवंशी ऋषियों ने श्राप दिया था कि वे अपनी दिव्य शक्तियों को भूल जाएंगे। यह श्राप तब मिला जब उन्होंने ध्यानमग्न ऋषियों की पूजा-पाठ में बाधा डाली। इस श्राप के कारण ही वे लंका जाते समय अपनी उड़ने की क्षमता भूल गए थे, जिसे जामवंत जी ने याद दिलाया। यह श्राप एक तरह के अनुशासन के रूप में था, ताकि वे अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करें और सही समय पर उनका सदुपयोग करें।

जब सीता माता की खोज में समुद्र लांघने की बात आई, तब हनुमान जी को अपनी शक्ति का भान नहीं था। तब जामवंत जी ने उन्हें उनके बल और शक्तियों की याद दिलाई, जिससे उन्हें श्राप से मुक्ति मिली और वे विशाल रूप धारण कर लंका गए। जब सीता माता की खोज में समुद्र लांघने की बात आई, तब हनुमान जी को अपनी शक्ति का भान नहीं था। तब जामवंत जी ने उन्हें उनके बल और शक्तियों की याद दिलाई।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...